धारा 509 क्या है (IPC Section 509 in Hindi) - सजा, जमानत और बचाव

अपडेट किया गया: 01 Jun, 2024
एडवोकेट चिकिशा मोहंती द्वारा


LawRato

दोस्तों बहुत बार ऐसे मामले देखने को मिलते है, जिनमें किसी स्त्री को अपमानित करने के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। रोजाना इस प्रकार के अपराध बढ़ते जा रहे है जिनमें लड़कियों को छेड़ने के लिए लड़कों द्वारा गलत इशारों का प्रयोग कर परेशान किया जाता है। इस प्रकार के गैर-कानूनी कार्य को करने वाला व्यक्ति किस प्रकार कानून के अंतर्गत अपराधी बन जाता है। आज के लेख द्वारा हम इसी विषय पर बात करेंगे की भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आने वाली आईपीसी धारा 509 क्या है (IPC Section 509 in Hindi), ये धारा कब लगती है? इस अपराध मामले में सजा और जमानत कैसे मिलती है।

किसी भी कानून का निर्माण समाज के सभी लोगों को बराबर अधिकार देने के लिए किया जाता है। जिसमें पुरुष व स्त्री को सामान रुप से अपने अधिकारों का उपयोग करने के लिए बताया जाता है। यदि आप आईपीसी सेक्शन 509 के बारे में विस्तार से जानना चाहते है, तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े।



IPC Section 509 in Hindi - आईपीसी धारा 509 क्या है

आईपीसी की धारा 509 के प्रावधान अनुसार जो कोई भी व्यक्ति किसी महिला के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग करता है। किसी महिला को गंदे इशारे करता है या किसी भी आपराधिक इरादे से छूकर उस स्त्री की लज्जा को भंग करने की कोशिश करता है। ऐसा आपराधिक कार्य करने वाले व्यक्ति पर IPC 509 के तहत पीडित महिला (जिस महिला के सम्मान को ठेस पहुँचाने की कोशिश की गई है) की शिकायत पर मुकदमा दर्ज (Court Case) कर कार्यवाही की जाती है।

लेकिन यदि कोई व्यक्ति इन अपराधों के साथ-साथ किसी महिला के साथ अन्य कोई अपराध करने की कोशिश करता है। उस स्थिति में धारा 509 के साथ-साथ अन्य धाराओ के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।


धारा 509 कब लगती है

इस धारा का इस्तेमाल होने के मुख्य कारणों का जानना बहुत ही जरुरी है। आइये जानते है किन किन कारणों से आप पर भी इस धारा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • किसी भी महिला को अश्लील शब्द बोलना मतलब गाली गलौज करना।
  • कोई ऐसा शब्द बोलना जिससे उस महिला के सम्मान को ठेस पहुँचे।
  • गंदे इशारे करके किसी महिला को परेशान करने की कोशिश करना।
  • रास्ते में चलते समय किसी स्त्री को छूने की कोशिश करना।
  • कोई भी अश्लील वीडियो दिखाकर परेशान करने की कोशिश करना।
  • जो भी व्यक्ति इस प्रकार के आपराधिक कार्य को करता है। उस व्यक्ति पर स्त्री की लज्जा का अनादर करने की धारा 509 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाती है।

आईपीसी सेक्शन 509 के अपराध का उदाहरण

एक दिन प्रीति अपने कालेज से घर जा रही थी। रास्ते में एक लड़का रोजाना उसे परेशान करता था। वह प्रीति को देखते ही गंदे-गंदे इशारे करने लगता था। जब प्रीति उसको कुछ बोलती तो वह बहुत ही अभद्र भाषा का प्रयोग करता था। उस दिन भी वो लड़का प्रीति को परेशान करने की कोशिश करता है। प्रीति उसी समय उसकी शिकायत पुलिस में कर देती है। पुलिस वहाँ आते ही उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लेती है और उस के खिलाफ धारा 509 के तहत कार्यवाही करती है।



IPC 354 और IPC 509 में क्या अंतर है?

आईपीसी की धारा 354 और आईपीसी की धारा 509 भारतीय दंड संहिता की दोनों धाराएं महिलाओं के उत्पीड़न (Harassment) से संबंधित अपराधों से निपटती हैं। इन दोनों के अलग-अलग प्रावधान हैं, आइये विस्तार से जानते है इनके बारे में।

IPC की धारा 354: IPC की धारा 354 भारतीय दंड संहिता (IPC) के एक विशिष्ट प्रावधान को संदर्भित करती है, जो "महिला की लज्जा भंग करने के इरादे (intent to outrage the modesty of a woman) से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग" के अपराध (use of criminal force Crime) से संबंधित है।

IPC की धारा 354 के तहत निम्नलिखित कार्य दंडनीय (Punishable) हैं:

  • कोई भी व्यक्ति जानबूझकर या जानबूझकर किसी महिला की लज्जा भंग करने के लिए उस पर बल प्रयोग करता है।
  • किसी महिला के प्रति कोई अवांछित शारीरिक संपर्क या हरकत करना, इस आशय से या यह जानते हुए कि यह उसकी गरिमा ( को ठेस पहुंचाएगा।

आईपीसी की धारा 509: यह धारा किसी महिला की मर्यादा का अपमान करने के इरादे से शब्द, हावभाव या कार्य के अपराध को संबोधित करती है। इसमें उन मामलों को शामिल किया गया है जहां कोई व्यक्ति जानबूझकर शब्दों का प्रयोग करता है, इशारे करता है, या किसी महिला की लज्जा का अपमान करने के उद्देश्य से कोई कार्य करता है। इस अधिनियम में शारीरिक हमला शामिल नहीं है, लेकिन मौखिक या गैर-मौखिक आचरण पर ध्यान केंद्रित करता है।

आईपीसी की धारा 354 एक महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से शारीरिक हमले और बल को संबोधित करती है। आईपीसी की धारा 509 एक महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से शब्दों, इशारों, या कृत्यों के उपयोग पर केंद्रित है।


धारा 509 में सजा और जमानत – Punishment in IPC 509

भारतीय दंड संहिता की धारा 509 में दंड के प्रावधान अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करके उसके सम्मान को ठेस पहुँचाने की कोशिश करता है। महिला की शिकायत पर उस व्यक्ति को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया जाता है। यदि वह व्यक्ति न्यायालय द्वारा दोषी पाया जाता है तो स्त्री की लज्जा भंग करने के अपराध के तहत 3 वर्ष तक की कारावास (jail) व जुर्माने (fine) से दंडित किया जाता है।


धारा 509 में जमानत - IPC 509 bailable or not?

IPC की धारा 509 का यह अपराध एक संज्ञेय श्रेणी का अपराध (Cognizable offence) माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार का अपराध करता है तो शिकायत होने पर पुलिस तुरन्त उसको गिरफ्तार कर सकती है। यह एक जमानती अपराध (bailable offence) होता है जिसमें आरोपी को बेल (जमानत) आसानी से मिल जाती है।

इस तरह के मामलों में एक वकील (lawyer) आपको बहुत ही जल्द जमानत दिलाने में मदद करेगा। इस केस में यदि आरोपी पीड़ित महिला से समझौता करके केस को वापिस लेने के लिए बात करना चाहेगा तो उसे सबसे पहले न्यायालय से अनुमति लेनी होगी। यदि वो महिला समझौते के लिए मान जाती है तो ही आपसे इस केस को हटाया जा सकता है।


आईपीसी की धारा 509 के तहत शिकायत कैसे दर्ज करें?

एक महिला की लज्जा भंग करने की धारा 509 के तहत शिकायत दर्ज (Complaint Register in Section 509) करने के लिए आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:-

  • सबूत इकट्ठा करें: कोई भी सबूत इकट्ठा करें जो आपकी शिकायत से संबंधित हो। इसमें तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, टेक्स्ट मैसेज या कोई अन्य प्रासंगिक दस्तावेज शामिल हो सकते हैं
  • पुलिस स्टेशन जाएँ: पुलिस स्टेशन जाएँ और शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी अधिकारी से मिलने के लिए कहें, हो सके तो किसी महिला अधिकारी या ऐसे मामलों को संभालने वाली उच्च पदस्थ अधिकारी से मिलने की कोशिश करें।
  • एक लिखित शिकायत प्रदान करें: घटना के बारे में विस्तार से बात करते हुए एक विस्तृत शिकायत लिखें साथ ही घटना की तारीख, समय और स्थान प्रदान करें। सभी आवश्यक जानकारी जैसे कि अपराधी (Criminal) की पहचान (यदि ज्ञात हो), उनका विवरण और उस समय मौजूद कोई भी गवाह (Witness) शामिल करें।
  • सबूत संलग्न करें: अपनी शिकायत के साथ आपके द्वारा एकत्र किए गए किसी भी जरुरी सबूत (Evidence) को संलग्न करें। अपने रिकॉर्ड के लिए साक्ष्य की कुछ प्रतियां (Copies) भी अपने साथ जरुर रख ले।
  • एफआईआर का अनुरोध करें: पुलिस अधिकारी से अनुरोध करें कि वह आपकी शिकायत के आधार पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करे। एफआईआर एक आधिकारिक दस्तावेज है जो शिकायत दर्ज करता है और जांच प्रक्रिया (Investigation process) शुरू करता है।
  • एफआईआर की कॉपी हासिल करें: एक बार एफआईआर दर्ज हो जाने के बाद पुलिस अधिकारी से एफआईआर की कॉपी मांगें।
  • एक वकील से परामर्श करें (यदि आवश्यक हो): यदि आप किसी कठिनाई का सामना करते हैं या कानूनी सलाह (Legal Advice) की आवश्यकता महसूस करते हैं, तो एक वकील से परामर्श करें जो आपराधिक कानून में विशेषज्ञता रखता हो। वे कानूनी प्रक्रिया (Legal Process) में आपका मार्गदर्शन कर सकते हैं और आपके अधिकारों (Rights) की रक्षा कर सकते हैं।

IPC Section 509 से बचाव के लिए क्या करे

स्त्री हो या पुरुष सभी को सम्मान से अपना जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को परेशान करने के लिए व उसके सम्मान को ठेस पहुँचाने के लिए इस प्रकार का कोई अपराध करता है तो वो बहुत ही गलत सोच को दर्शाता है। परन्तु कुछ मामलों में देखा जाता है कि कुछ महिलाएं किसी व्यक्ति को पुरानी रंजिश के कारण फंसाने के लिए भी इस प्रकार के झूठे आरोप लगाती है। ऐसे मामलों से बचाव के लिए सावधानी ऱखना बहुत जरुरी है। आइए जानते है IPC Section 509 से बचाव की कुछ जरुरी बातों के बारे में।

  • सबसे पहली और सबसे जरुरी बात तो यह है कि सभी महिलाओं का सम्मान करें।
  • किसी भी महिला के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें।
  • मजाक में भी किसी महिला को गलत तरीके से ना तो छुए और ना ही किसी तरह के इशारे करें।
  • किसी दूसरे व्यक्ति से सुनकर किसी भी महिला पर किसी तरह का गलत आरोप ना लगाए।
  • किसी ऐसे व्यक्ति के साथ ना रहे जो सबके लिए हमेशा अभद्र भाषा का प्रयोग करता हो।
  • यदि गलती से भी आपसे इस तरह का कोई अपराध हो जाता है तो तुरन्त उस महिला से माफी माँग ले।
जाने -

यदि आप निर्दोष है और आपको फंसाने के लिए इस धारा का उपयोग किया जाता है तो घबराए नहीं बल्कि समझदारी से काम ले। अगर आपको किसी तरह की मदद चाहिए तो हमारे अनुभवी वकील से कानूनी सलाह ले

Offence : कोई भी शब्द बोलना या किसी स्त्री के शील का अपमान करने का इरादा कोई इशारा करना आदि


Punishment : 3 साल के लिए सरल कारावास + जुर्माना


Cognizance : संज्ञेय


Bail : जमानतीय


Triable : कोई भी मजिस्ट्रेट





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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


आईपीसी धारा 509 क्या है?

IPC 509 भारतीय दंड संहिता में एक विशिष्ट प्रावधान को संदर्भित करती है जो किसी महिला की लज्जा का अपमान करने के इरादे से शब्द, हावभाव या कार्य के अपराध से संबंधित है।


IPC Section 509 के तहत अपराध के लिए क्या सजा है?

आईपीसी धारा 509 के तहत एक अपराध की सजा एक अवधि के लिए कारावास है जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों।


क्या धारा 509 के तहत पुरुष पीड़ित हो सकते हैं?

IPC Section 509 विशेष रूप से "महिला" का उल्लेख करती है, यह महिला पीड़ितों तक सीमित नहीं है। पुरुष भी इस धारा के तहत पीड़ित हो सकते हैं यदि वे अपनी मर्यादा का अपमान करने के इरादे से कृत्यों या इशारों का सामना करते हैं।


आईपीसी धारा 509 के किस अपराध में लगती है?

धारा 509 के अनुसार कोई भी शब्द, हावभाव या कार्य जिसका उद्देश्य किसी महिला की लज्जा का अपमान करता है, तो उसे अपराध माना जाता है। यह कार्य इस ज्ञान या इरादे से किया जाना चाहिए कि इससे महिला की लज्जा का अपमान होने की संभावना है।