आईपीसी की धारा 370 | IPC Section 370 in Hindi (Dhara 370) - सजा और जमानत

धारा 370 आईपीसी (IPC Section 370 in Hindi) - मानव तस्करी - दास के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदना या बेचना।


विवरण

जो भी कोई, धमकियों का या बल का या किसी अन्य प्रकार के दबाव का उपयोग कर, या अपहरण करके, या धोखाधड़ी, या धोखा करके, या शक्ति का दुरुपयोग करके, या प्रलोभन द्वारा, भुगतान या लाभ देने या प्राप्त करने सहित, शोषण के उद्देश्य से भर्ती, परिवहित, आश्रयीत, स्थानांतरित या प्राप्त व्यक्ति / व्यक्तियों पर नियंत्रण रखने वाले किसी भी व्यक्ति की सहमति हासिल करने के लिए, किसी व्यक्ति या व्यक्तियों का, भर्ती करना, ढोना, शरण देना, स्थानान्तरण, या प्राप्त करना कारित करता है, वह तस्करी के अपराध का काम करता है।
जो भी कोई तस्करी के अपराध का काम करता है, तो उसे कम से कम सात वर्ष का कठोर कारावास जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
जो भी कोई एक से अधिक व्यक्ति की तस्करी के अपराध का काम करता है, तो उसे कम से कम दस वर्ष का कठोर कारावास जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
 
जो भी कोई एक नाबालिग की तस्करी के अपराध का काम करता है, तो उसे कम से कम दस वर्ष का कठोर कारावास जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
 
जो भी कोई एक से अधिक नाबालिग की तस्करी के अपराध का काम करता है, तो उसे कम से कम चौदह वर्ष का कठोर कारावास जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
 
यदि कोई व्यक्ति नाबालिग की तस्करी के अपराध में एक से अधिक बार दोषी करार हुआ है, तो उसे आजीवन कारावास जिसका मतलब है कि उस व्यक्ति के शेष प्राकृतिक जीवन के लिए या मृत्यु होने तक कारावास की सज़ा से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
 
यदि कोई लोक सेवक या पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति / व्यक्तियों की तस्करी में शामिल है, तो ऐसे लोक सेवक या पुलिस अधिकारी को आजीवन कारावास जिसका मतलब है कि उस व्यक्ति के शेष प्राकृतिक जीवन के लिए या मृत्यु होने तक कारावास की सज़ा से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
 
लागू अपराध
1. व्यक्ति / व्यक्तियों की तस्करी ।
सजा - सात से दस वर्ष कारावास और आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर- जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।

2. एक से अधिक व्यक्ति / व्यक्तियों की तस्करी ।
सजा - दस वर्ष से आजीवन कारावास और आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर- जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।

3. नाबालिग व्यक्ति / व्यक्तियों की तस्करी ।
सजा - दस वर्ष से आजीवन कारावास और आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर- जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है। 

4. एक से अधिक नाबालिग व्यक्ति / व्यक्तियों की तस्करी ।
सजा - चौदह वर्ष से आजीवन कारावास और आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर- जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।
 
5. नाबालिग की तस्करी के अपराध में एक से अधिक बार दोषी।
सजा - आजीवन जिसका अर्थ है शेष प्राकृतिक जीवन के लिए कारावास और आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर- जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।

6. यदि कोई लोक सेवक या पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति / व्यक्तियों की तस्करी में शामिल है
सजा - आजीवन जिसका अर्थ है शेष प्राकृतिक जीवन के लिए कारावास और आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर- जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।
 
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।


आईपीसी धारा 370 शुल्कों के लिए सर्व अनुभवी वकील खोजें

लोकप्रिय आईपीसी धारा