धारा 126 आईपीसी (IPC Section 126 in Hindi) - भारत सरकार के साथ शांति का संबंध रखने वाली शक्ति के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करना।



धारा 126 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 126 के अनुसार, जो भी कोई भारत सरकार से मैत्री या शांति का संबंध रखने वाली किसी शक्ति के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करेगा, या लूटपाट करने की तैयारी करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा, और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा, और ऐसी लूटपाट करने के लिए उपयोग में लाई गई या उपयोग में लाई जाने के लिए आशयित, या ऐसी लूटपाट द्वारा अर्जित संपत्ति के समपहरण से भी दण्डित किया जाएगा।
 
लागू अपराध
भारत सरकार से मैत्री या शांति का संबंध रखने वाली किसी शक्ति के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करना।
सजा - सात वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड + संपत्ति का समपहरण।
यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।


Offence : भारत सरकार के साथ गठबंधन में या शांति में किसी भी सत्ता के क्षेत्रों पर प्रतिबद्ध


Punishment : 7 साल + संपत्ति को जब्त कर लेना + जुर्माना


Cognizance : संज्ञेय


Bail : गैर जमानतीय


Triable : सत्र न्यायालय





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IPC धारा 126 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 126 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 126 अपराध : भारत सरकार के साथ गठबंधन में या शांति में किसी भी सत्ता के क्षेत्रों पर प्रतिबद्ध


आई. पी. सी. की धारा 126 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 126 के मामले में 7 साल + संपत्ति को जब्त कर लेना + जुर्माना का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 126 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 126 संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 126 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 126 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 126 गैर जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 126 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 126 के मामले को कोर्ट सत्र न्यायालय में पेश किया जा सकता है।


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