धारा 487 आईपीसी (IPC Section 487 in Hindi) - किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है



धारा 487 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 487 के अनुसार, जो कोई किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र के ऊपर, जिसमें माल रखा हुआ हो, ऐसी रीति से कोई ऐसा मिथ्या चिह्न बनाएगा, जो इसलिए युक्तियुक्त रूप से प्रकल्पित है कि उससे किसी लोक सेवक को या किसी अन्य व्यक्ति को यह विश्वास कारित हो जाए कि ऐसे पात्र में ऐसा माल है, जो उसमें नहीं है, या यह कि उसमें ऐसा माल नहीं है, जो उसमें है, या यह कि ऐसे पात्र में रखा हुआ माल ऐसी प्रकॄति या क्वालिटी का है जो उसकी वास्तविक प्रकॄति या क्वालिटी से भिन्न है, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने वह कार्य कपट करने के आशय के बिना किया है वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।


Offence : धोखे से किसी भी पैकेज या गोदाम पर एक झूठी निशान अंकन माल युक्त, यह माना जा रहा है कि यह माल है जो यह शामिल नहीं है, आदि के इरादे से


Punishment : 3 साल या जुर्माना या दोनों


Cognizance : गैर - संज्ञेय


Bail : जमानतीय


Triable : कोई भी मजिस्ट्रेट





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IPC धारा 487 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 487 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 487 अपराध : धोखे से किसी भी पैकेज या गोदाम पर एक झूठी निशान अंकन माल युक्त, यह माना जा रहा है कि यह माल है जो यह शामिल नहीं है, आदि के इरादे से


आई. पी. सी. की धारा 487 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 487 के मामले में 3 साल या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 487 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 487 गैर - संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 487 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 487 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 487 जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 487 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 487 के मामले को कोर्ट कोई भी मजिस्ट्रेट में पेश किया जा सकता है।


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