धारा 455 क्या है | IPC Section 455 in Hindi (Dhara 455) - सजा और जमानत

धारा 455 आईपीसी (IPC Section 455 in Hindi) - उपहति, हमले या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन



धारा 455 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 455 के अनुसार, जो कोई किसी व्यक्ति को उपहति कारित करने की या किसी व्यक्ति पर हमला करने की या किसी व्यक्ति का सदोष अवरोध करने की अथवा किसी व्यक्ति को उपहति के, या हमले के, या सदोष अवरोध के भय में डालने की तैयारी करके, प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।


Offence : चोट, मारपीट आदि पैदा करने की तैयारी के बाद गुप्त घर-अतिचार या घर तोड़ना


Punishment : 10 साल + जुर्माना


Cognizance : संज्ञेय


Bail : गैर जमानतीय


Triable : प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट





आईपीसी धारा 455 शुल्कों के लिए सर्व अनुभवी वकील खोजें

IPC धारा 455 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 455 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 455 अपराध : चोट, मारपीट आदि पैदा करने की तैयारी के बाद गुप्त घर-अतिचार या घर तोड़ना


आई. पी. सी. की धारा 455 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 455 के मामले में 10 साल + जुर्माना का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 455 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 455 संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 455 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

आई. पी. सी. की धारा 455 के मामले में बचाव के लिए और अपने आसपास के सबसे अच्छे आपराधिक वकीलों की जानकारी करने के लिए LawRato का उपयोग करें।


आई. पी. सी. की धारा 455 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 455 गैर जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 455 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 455 के मामले को कोर्ट प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट में पेश किया जा सकता है।


लोकप्रिय आईपीसी धारा