धारा 352 आईपीसी (IPC Section 352 in Hindi) - गम्भीर प्रकोपन के बिना हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्ड



धारा 352 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 352 के अनुसार, जो भी कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति पर गंभीर तथा आकस्मिक उत्तेजना के बिना हमला या आपराधिक बल का उपयोग करता है, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या पाँच सौ रुपये तक आर्थिक दंड, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
 
लागू अपराध
गंभीर उत्तेजना के बिना हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना।
सजा - तीन वर्ष कारावास या पाँच सौ रुपये तक आर्थिक दंड या दोनों।
यह एक जमानती, गैर-संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध पीड़ित व्यक्ति (जिस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग हुआ है) द्वारा समझौता करने योग्य है।


Offence : गंभीर उकसावे की तुलना में अन्यथा आपराधिक बल का हमला या उपयोग


Punishment : 3 महीने या जुर्माना या दोनों


Cognizance : गैर - संज्ञेय


Bail : जमानतीय


Triable : कोई भी मजिस्ट्रेट





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IPC धारा 352 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 352 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 352 अपराध : गंभीर उकसावे की तुलना में अन्यथा आपराधिक बल का हमला या उपयोग


आई. पी. सी. की धारा 352 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 352 के मामले में 3 महीने या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 352 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 352 गैर - संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 352 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 352 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 352 जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 352 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 352 के मामले को कोर्ट कोई भी मजिस्ट्रेट में पेश किया जा सकता है।


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