धारा 89 आईपीसी - IPC 89 in Hindi - सजा और जमानत - संरक्षक द्वारा या उसकी सम्मति से शिशु या उन्मत्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद््भावपूर्वक किया गया कार्य

अपडेट किया गया: 01 Jul, 2026
एडवोकेट चिकिशा मोहंती द्वारा


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विषयसूची

  1. धारा 89 का विवरण

धारा 89 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 89 के अनुसार कोई बात, जो बारह वर्ष से कम आयु के या विकॄतचित्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद््भावपूर्वक उसके संरक्षक के, या विधिपूर्ण भारसाधक किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा, या की अभिव्यक्त या विवक्षित सम्मति से, की जाए, किसी ऐसी अपहानि के कारण, अपराध नहीं है जो उस बात से उस व्यक्ति को कारित हो, या कारित करने का कर्ता का आशय हो या कारित होने की संभाव्यता कर्ता को ज्ञात हो :
परन्तुक--परन्तु--
आईपीसी धारा 89 को बीएनएस धारा 27 में बदल दिया गया है।



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