धारा 444 आईपीसी - IPC 444 in Hindi - सजा और जमानत - रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार

अपडेट किया गया: 01 Jul, 2026
एडवोकेट चिकिशा मोहंती द्वारा


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विषयसूची

  1. धारा 444 का विवरण

धारा 444 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 444 के अनुसार जो कोई सूर्यास्त के पश्चात् और सूर्योदय से पूर्व प्रच्छन्न गॄह-अतिचार करता है, वह रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार करता है, यह कहा जाता है ।


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