धारा 38 आईपीसी - IPC 38 in Hindi - सजा और जमानत - आपराधिक कार्य में संपॄक्त व्यक्ति विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकेंगे

अपडेट किया गया: 01 Jul, 2024
एडवोकेट चिकिशा मोहंती द्वारा


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विषयसूची

  1. धारा 38 का विवरण

धारा 38 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 38 के अनुसार जहां कि कई व्यक्ति किसी आपराधिक कार्य को करने में लगे हुए या सम्पॄक्त हैं, वहां वे उस कार्य के आधार पर विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकेंगे ।
दृष्टांत
क गम्भीर प्रकोपन की ऐसी परिस्थतियों के अधीन य पर आक्रमण करता है कि य का उसके द्वारा वध किया जाना केवल ऐसा आपराधिक मानववध है, जो हत्या की कोटि में नहीं आता है । ख जो य से वैमनस्य रखता है, उसका वध करने के आशय से और प्रकोपन के वशीभूत न होते हुए य का वध करने में क की सहायता करता है । यहां, यद्यपि क और ख दोनों य की मॄत्यु कारित करने में लगे हुए हैं, ख हत्या का दोषी है और क केवल आपराधिक मानव वध का दोषी है ।


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