धारा 282 आईपीसी (IPC Section 282 in Hindi) - अक्षमकर या अति लदे हुए जलयान में भाड़े के लिए जलमार्ग से किसी व्यक्ति का प्रवहण



धारा 282 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 282 के अनुसार, जो कोई किसी व्यक्ति को किसी जलयान में जलमार्ग से, जानते हुए या उपेक्षापूर्वक भाड़े पर तब प्रवहण करेगा, या कराएगा जब वह जलयान ऐसी दशा में हो या इतना लदा हुआ हो जिससे उस व्यक्ति का जीवन संकटापन्न हो सकता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।


Offence : किसी भी व्यक्ति को पानी से किराए पर लेने के लिए संदेश देना, ऐसी स्थिति में एक पोत में, या इतना भरा हुआ, के रूप में अपने जीवन को खतरे में डाल


Punishment : 6 महीने या जुर्माना या दोनों


Cognizance : संज्ञेय


Bail : जमानतीय


Triable : कोई भी मजिस्ट्रेट





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IPC धारा 282 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 282 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 282 अपराध : किसी भी व्यक्ति को पानी से किराए पर लेने के लिए संदेश देना, ऐसी स्थिति में एक पोत में, या इतना भरा हुआ, के रूप में अपने जीवन को खतरे में डाल


आई. पी. सी. की धारा 282 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 282 के मामले में 6 महीने या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 282 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 282 संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 282 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 282 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 282 जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 282 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 282 के मामले को कोर्ट कोई भी मजिस्ट्रेट में पेश किया जा सकता है।


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