धारा 271 आईपीसी (IPC Section 271 in Hindi) - करन्तीन के नियम की अवज्ञा



धारा 271 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 271 के अनुसार, जो कोई किसी जलयान को करन्तीन की स्थिति में रखे जाने के, या करन्तीन की स्थिति वाले जलयानों का किनारे से या अन्य जलयानों से समागम विनियमित करने के, या ऐसे स्थानों के, जहां कोई संक्रामक रोग
1 1953 के अधिनियम सं0 42 की धारा 4 और अनुसूची 3 द्वारा और शब्द का लोप किया गया । भारतीय दंड संहिता, 1860 52
फैल रहा हो और अन्य स्थानों के बीच समागम विनियमित करने के लिए 1[।।। 2।।। 3।।। सरकार द्वारा] बनाए गए और प्रख्यापित किसी नियम को जानते हुए अवज्ञा करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।


Offence : 2 साल या जुर्माना या दोनों


Punishment : 2 साल या जुर्माना या दोनों


Cognizance : गैर - संज्ञेय


Bail : जमानतीय


Triable : कोई भी मजिस्ट्रेट





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IPC धारा 271 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 271 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 271 अपराध : 2 साल या जुर्माना या दोनों


आई. पी. सी. की धारा 271 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 271 के मामले में 2 साल या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 271 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 271 गैर - संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 271 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 271 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 271 जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 271 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 271 के मामले को कोर्ट कोई भी मजिस्ट्रेट में पेश किया जा सकता है।


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