धारा 270 आईपीसी (IPC Section 270 in Hindi) - परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो



धारा 270 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 270 के अनुसार, जो कोई परिद्वेष से ऐसा कोई कार्य करेगा जिससे कि, और जिससे वह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि, जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोक का संक्रम फैलना संभाव्य है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।


Offence : घातक किसी भी जीवन के लिए खतरनाक किसी भी बीमारी के संक्रमण के प्रसार की संभावना होने के लिए जाना जाता कार्य कर रही है


Punishment : 2 साल या जुर्माना या दोनों


Cognizance : संज्ञेय


Bail : जमानतीय


Triable : कोई भी मजिस्ट्रेट





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IPC धारा 270 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 270 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 270 अपराध : घातक किसी भी जीवन के लिए खतरनाक किसी भी बीमारी के संक्रमण के प्रसार की संभावना होने के लिए जाना जाता कार्य कर रही है


आई. पी. सी. की धारा 270 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 270 के मामले में 2 साल या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 270 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 270 संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 270 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 270 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 270 जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 270 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 270 के मामले को कोर्ट कोई भी मजिस्ट्रेट में पेश किया जा सकता है।


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