धारा 240 आईपीसी (IPC Section 240 in Hindi) - उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था



धारा 240 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 240 के अनुसार, जो कोई अपने पास कोई ऐसा कूटकॄत सिक्का होते हुए, जो 2[भारतीय सिक्के] की कूटकॄति हो और जिसे वह उस समय, जब वह उसके कब्जे में आया था, जानता था कि वह 2[भारतीय सिक्के] की कूटकॄति है, कपटपूर्वक, या इस आशय से कि कपट किया जाए, उसे किसी व्यक्ति को परिदत्त करेगा या किसी व्यक्ति को उसे लेने के लिए उत्प्रेरित करने का प्रयत्न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।


Offence : भारतीय सिक्के के संबंध में भी


Punishment : 10 साल + जुर्माना


Cognizance : संज्ञेय


Bail : गैर जमानतीय


Triable : सत्र न्यायालय





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IPC धारा 240 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 240 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 240 अपराध : भारतीय सिक्के के संबंध में भी


आई. पी. सी. की धारा 240 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 240 के मामले में 10 साल + जुर्माना का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 240 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 240 संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 240 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 240 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 240 गैर जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 240 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 240 के मामले को कोर्ट सत्र न्यायालय में पेश किया जा सकता है।


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