धारा 236 आईपीसी (IPC Section 236 in Hindi) - भारत से बाहर सिक्के के कूटकरण का भारत में दुष्प्रेरण



धारा 236 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 236 के अनुसार, जो कोई 2[भारत] में होते हुए 1[भारत] से बाहर सिक्के के कूटकरण का दुष्प्रेरण करेगा, वह ऐसे दंडित किया जाएगा, मानो उसने ऐसे सिक्के के कूटकरण का दुष्रेमेरण 1[भारत] में किया हो ।


Offence : उकसाने, भारत में, जालसाजी, भारत से बाहर, सिक्के की


Punishment : भारत के भीतर इस तरह के सिक्के की जालसाजी के लिए उकसाने के लिए सजा का प्रावधान


Cognizance : संज्ञेय


Bail : गैर जमानतीय


Triable : प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट





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IPC धारा 236 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 236 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 236 अपराध : उकसाने, भारत में, जालसाजी, भारत से बाहर, सिक्के की


आई. पी. सी. की धारा 236 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 236 के मामले में भारत के भीतर इस तरह के सिक्के की जालसाजी के लिए उकसाने के लिए सजा का प्रावधान का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 236 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 236 संज्ञेय है।


आई. पी. सी. की धारा 236 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

आई. पी. सी. की धारा 236 के मामले में बचाव के लिए और अपने आसपास के सबसे अच्छे आपराधिक वकीलों की जानकारी करने के लिए LawRato का उपयोग करें।


आई. पी. सी. की धारा 236 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 236 गैर जमानतीय है।


आई. पी. सी. की धारा 236 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 236 के मामले को कोर्ट प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट में पेश किया जा सकता है।


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