धारा 113 आईपीसी (IPC Section 113 in Hindi) - दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेरक का दायित्व जो दुष्प्रेरक द्वारा आशयित से भिन्न हो।



धारा 113 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 113 के अनुसार, जब किसी दुष्प्रेरक द्वारा किसी कार्य का दुष्प्रेरण किसी विशिष्ट प्रभाव को कारित करने के आशय से किया जाता है और दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप जिस कार्य के लिए दुष्प्रेरक दायित्व के अधीन है, वह कार्य दुष्प्रेरक के द्वारा आशयित प्रभाव से भिन्न प्रभाव कारित करता है तब दुष्प्ररेक कारित प्रभाव के लिए उसी प्रकार और उसी विस्तार तक दायित्व के अधीन है, मानो उसने उस कार्य का दुष्प्रेरण उसी प्रभाव को कारित करने के आशय से किया हो परन्तु यह तब जब कि वह यह जानता था कि दुष्प्रेरित कार्य से वह प्रभाव कारित होना सम्भाव्य है।
 
लागू अपराध
दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न दुष्प्रेरित कार्य से कारित प्रभाव द्वारा अपराध के लिए दुष्प्रेरण।
सजा - अपराध अनुसार।
जमानत, संज्ञान और अदालती कार्रवाई, किए गये अपराध अनुसार होगी।
 
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।


Offence : किसी भी अपराध का दुष्प्रेरण, यदि अधिनियम का पालन किया जाता है, परिणाम में प्रतिबद्ध है, और जहां इसकी सजा के लिए कोई प्रावधान नहीं है


Punishment : किये गए अपराध के समान


Cognizance : किये गए अपराध के समान


Bail : किये गए अपराध के समान


Triable : उस अदालत के द्वारा जिसमे किया गया अपराध जाने योग्य है





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IPC धारा 113 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 113 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 113 अपराध : किसी भी अपराध का दुष्प्रेरण, यदि अधिनियम का पालन किया जाता है, परिणाम में प्रतिबद्ध है, और जहां इसकी सजा के लिए कोई प्रावधान नहीं है


आई. पी. सी. की धारा 113 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 113 के मामले में किये गए अपराध के समान का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 113 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 113 किये गए अपराध के समान है।


आई. पी. सी. की धारा 113 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 113 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 113 किये गए अपराध के समान है।


आई. पी. सी. की धारा 113 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 113 के मामले को कोर्ट उस अदालत के द्वारा जिसमे किया गया अपराध जाने योग्य है में पेश किया जा सकता है।


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