धारा 111 आईपीसी (IPC Section 111 in Hindi) - दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है।



धारा 111 का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 111 के अनुसार, जब कि किसी एक कार्य का दुष्प्रेरण किया जाता है, और कोई भिन्न कार्य किया जाता है, तब दुष्प्रेरक उस किए गए कार्य के लिए उसी प्रकार से और उसी विस्तार तक दायित्व के अधीन है, मानो उसने सीधे उसी कार्य का दुष्प्रेरण किया हो: -
परन्तुक--परन्तु यह तब जब कि किया गया कार्य दुष्प्रेरण का अधिसम्भाव्य परिणाम था और उस उकसाहट के असर के अधीन या उस सहायता से या उस षडयंत्र के अनुसरण में किया गया था जिससे वह दुष्प्रेरण गठित होता है।

लागू अपराध
दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है।
सजा - अपराध अनुसार।
इसकी जमानत, संज्ञान और अदालती कार्रवाई अपराध अनुसार होगी।
 
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।


Offence : किसी भी अपराध का दुष्प्रेरण, यदि अधिनियम का पालन किया जाता है, परिणाम में प्रतिबद्ध है, और जहां इसकी सजा के लिए कोई प्रावधान नहीं है


Punishment : उस अपराध के समान जिसके लिए उकसाने का इरादा है


Cognizance : उस अपराध के समान जिसके लिए उकसाने का इरादा है


Bail : उस अपराध के समान जिसके लिए उकसाने का इरादा है


Triable : उस अदालत के द्वारा जिसमे उकसाया गया अपराध जाने योग्य है





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IPC धारा 111 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


आई. पी. सी. की धारा 111 के तहत क्या अपराध है?

आई. पी. सी. धारा 111 अपराध : किसी भी अपराध का दुष्प्रेरण, यदि अधिनियम का पालन किया जाता है, परिणाम में प्रतिबद्ध है, और जहां इसकी सजा के लिए कोई प्रावधान नहीं है


आई. पी. सी. की धारा 111 के मामले की सजा क्या है?

आई. पी. सी. की धारा 111 के मामले में उस अपराध के समान जिसके लिए उकसाने का इरादा है का प्रावधान है।


आई. पी. सी. की धारा 111 संज्ञेय अपराध है या गैर - संज्ञेय अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 111 उस अपराध के समान जिसके लिए उकसाने का इरादा है है।


आई. पी. सी. की धारा 111 के अपराध के लिए अपने मामले को कैसे दर्ज करें?

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आई. पी. सी. की धारा 111 जमानती अपराध है या गैर - जमानती अपराध?

आई. पी. सी. की धारा 111 उस अपराध के समान जिसके लिए उकसाने का इरादा है है।


आई. पी. सी. की धारा 111 के मामले को किस न्यायालय में पेश किया जा सकता है?

आई. पी. सी. की धारा 111 के मामले को कोर्ट उस अदालत के द्वारा जिसमे उकसाया गया अपराध जाने योग्य है में पेश किया जा सकता है।


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