धारा 108क आईपीसी (IPC Section 108क in Hindi) - भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण



धारा 108क का विवरण

भारतीय दंड संहिता की धारा 108क के अनुसार, वह व्यक्ति इस संहिता के अर्थ के अन्तर्गत अपराध का दुष्प्रेरण करता है, जो 2[भारत] से बाहर और उससे परे किसी ऐसे कार्य के किए जाने का 2[भारत] में दुष्प्रेरण करता है जो अपराध होगा, यदि 2[भारत] में किया जाए ।
दृष्टांत
क 2[भारत] में ख को, जो गोवा में विदेशीय है, गोवा में हत्या करने के लिए उकसाता है । क हत्या के दुष्प्रेरण का दोषी है ।ट




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