आईपीसी की धारा 107 | IPC Section 107 in Hindi (Dhara 107) - सजा और जमानत

धारा 107 आईपीसी (IPC Section 107 in Hindi) - किसी बात का दुष्प्रेरण


विवरण

वह व्यक्ति किसी चीज़ के किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, जो -

  1. उस चीज़ को करने के लिए किसी व्यक्ति को उकसाता है; अथवा
  2. उस चीज़ को करने के लिए किसी षड्यंत्र में एक या अधिक अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों के साथ सम्मिलित होता है, यदि उस षडयंत्र के अनुसरण में, कोई कार्य या अवैध चूक होती है; अथवा
  3. उस चीज़ के किए जाने में किसी कार्य या अवैध लोप द्वारा जानबूझ कर सहायता करता है ।

भारतीय दंड संहिता, 1860 18
स्पष्टीकरण 1-- अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर दुर्व्यपदेशन या तात्विक तथ्य द्वारा, जिसे प्रकट करने के लिए वह आबद्ध है, जानबूझकर छिपाने द्वारा, स्वेच्छा से किसी चीज़ का किया जाना कारित करता है अथवा कारित करने का प्रयत्न करता है, तो उसे उस चीज़ को करने के लिए उकसाना कहा जाता है ।


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