BNS Section 74 in Hindi | धारा 74 क्या है कब लगती है – सजा व जमानत


महिला के साथ छेड़छाड़ की धारा BNS 74 in Hindi

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 किसी महिला की गरिमा या लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने से संबंधित है। इस आर्टिकल में हम इस अपराध और इसमें लगने वाली धारा के बारे में सरल भाषा में समझेंगे जैसे कि बीएनएस की धारा 74 क्या है, यह धारा कब लगती है? सेक्शन 74 में सजा और जमानत का क्या प्रावधान है?

समाज में रहने वाली महिलाओं के उपर बुरी नजर रखना या उनकी इज्जत पर हमला करना एक गंभीर अपराध माना जाता है। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को भारतीय न्याय संहिता के अंदर अब पहले से अधिक गंभीरता से लिया जाने लगा है। इस लेख में हम बीएनएस की धारा 74 से जुड़ी सारी जरुरी जानकारियाँ आपको देंगे। क्योंकि यह धारा महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


बीएनएस धारा 74 क्या है कब लगती है

भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के प्रावधान अनुसार बताया गया है कि "जो कोई भी व्यक्ति किसी महिला का अपमान करने के इरादे से उस पर हमला करता है या किसी भी महिला पर आपराधिक बल का प्रयोग करता है। इस प्रकार के आपराधिक कार्य करने वाले व्यक्ति पर सैक्शन 74 लागू कर दंड के लिए कार्यवाही की जाती है।

साधारण भाषा में इसका अर्थ यह है कि जो कोई भी व्यक्ति किसी भी महिला को परेशान करने के लिए उसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करता है। या किसी भी प्रकार से उस पर हमला करने का प्रयास करता है, उस व्यक्ति पर इस प्रावधान के तहत कार्यवाही कर दंडित किया जाएगा।


बीएनएस की धारा 74 के मुख्य तत्व

  • हमला या आपराधिक बल: भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 किसी महिला पर किए जाने वाले हमले और आपराधिक बल के बारे में बताती है। जिस भी कार्य से किसी महिला को नुकसान या चोट की आशंका पैदा होती है उसे आपराधिक बल कहा जाता है।
  • लज्जा भंग करने का इरादा: बीएनएस की धारा 74 के तहत अपराध में किसी महिला की मर्यादा या सम्मान का अपमान करने के इरादे के बारे में बताया गया है। साधारण भाषा में इसका अर्थ है, किसी व्यक्ति के द्वारा किसी महिला का अपमान करके उसकी इज्जत को ठेस पहुंचाना।

धारा 74 के तहत आने वाले आपराधिक कृत्य

  • शारीरिक हमला: किसी भी महिला पर जानबूझकर हमला करना या उसे चोट पहुँचाने की कोशिश करना जिससे समाज में उसका अपमान हो।
  • गलत तरीके से छूना: किसी महिला को उसकी सहमति के बिना गलत तरीके से छूना।
  • यौन उत्पीड़न: किसी महिला के लिए अश्लील या अनुचित टिप्पणियाँ करना, उसे गंदे इशारे करना, या अश्लील सामग्री दिखाना।
  • छेड़छाड़: किसी महिला को सार्वजनिक स्थान पर तंग करना, जैसे उसे पीछा करना, उसकी तरफ सीटी बजाना या अश्लील टिप्पणियाँ करना।
  • धमकी देना: किसी महिला का अपमान करने के इरादे से या उसे समाज में बेइज्जत करने की धमकी देना।
  • बलपूर्वक कपड़े हटाना: किसी महिला के जबरन कपड़े उतारने की कोशिश करना।
  • गंदी बातें बोलना: किसी महिला को गंदी गालियाँ देना।
  • सोशल मीडिया पर उत्पीड़न: सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म पर किसी महिला को अश्लील संदेश, तस्वीरें, या वीडियो भेज कर परेशान करना।
  • निजी तस्वीरें या वीडियो का दुरुपयोग: किसी महिला की निजी तस्वीरें या वीडियो को बिना उसकी अनुमति के सार्वजनिक करना या उनका गलत तरीके से उपयोग करना।

IPC Section 354 व BNS Section 74 में क्या अंतर है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (पुरानी आईपीसी धारा) व बीएनएस की धारा 74 दोनों ही महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने या उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार के अपराध के बारे में बताती है।

इन दोनों में मुख्य अंतर यह देखने को मिलता है कि पहले यदि महिलाओं के साथ कोई ऐसा अपराध करता था तो वह आपराधिक मामला Iआईपीसी 354 के तहत दर्ज होता था। लेकिन नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद से ऐसे मामलों को भारतीय न्याय संहिता की सेक्शन 74 के तहत दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। जिसका अर्थ है आईपीसी सेक्शन 354 को बदलकर बीएनएस सेक्शनया है।


बीनएस की धारा 74 के जुर्म का सरल उदाहरण

प्रीति एक दिन कॉलेज जाने के लिए बस स्टॉप पर खड़ी थी। उसी समय एक व्यक्ति प्रीति के पास आता है और उसके साथ गलत तरह के कामेंट करना शुरू कर देता है। ऐसा करते-करते वो प्रीति के पास आने की कोशिश करता है। प्रीति इस बात से परेशान होकर उससे दूर चली जाती है, लेकिन वो व्यक्ति फिर से प्रीति के पास आता है और उसे गलत तरीके से छूने लगता है। प्रीति तुरंत अपने मोबाइल से महिला पुलिस हैल्पलाइन न0 1091 पर फोन कर सारी बाते बता देती है।

कुछ ही समय बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लेती है और धारा 74 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही करती है।


धारा 74 में सजा का प्रावधान

बीएनएस की धारा 74 में सजा के लिए बताया गया है कि जो कोई भी व्यक्ति किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने या परेशान करने जैसे गंभीर अपराध का दोषी पाया जाता है। उस व्यक्ति को 1 वर्ष से लेकर 5 वर्ष तक की कैद की सजा व जुर्माने के दंड से दंडित किया जा सकता है।


बीएनएस की धारा 74 में जमानत कब और कैसे मिलती है

भारतीय न्याय संहिता की सेक्शन 74 के तहत महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों को ज्यादा गंभीरता से लिया जाता है। इसलिए यह एक संज्ञेय यानी गंभीर अपराध के रुप में जाना जाता है। ये धारा एक गैर-जमानती है, जिसमें आरोपी व्यक्ति को जमानत नहीं दी जा सकती।

महिला के खिलाफ अपराध से जुडी धाराएँ:

BNS 75 (यौन उत्पीडन) BNS 77 (ताक-झांक)
BNS 78 (पीछा करना) BNS 79 (महिला अपमान)
BNS 87 (महिला अपहरण) BNS 85 (महिला से क्रूरता)

अगर आप महिला हैं और आपके साथ किसी ने छेड़छाड़ जैसी हरकत की है, तो आपके पास पूरा कानूनी अधिकार है उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का। वहीं अगर आप पर इस धारा के तहत झूठा केस दर्ज किया गया है, तो आपको भी अपने कानूनी अधिकारों और बचाव के उपाय जरूर पता होने चाहिए। आप पीड़ित हों या आरोपी, अगर आपको BNS धारा 74 के तहत कोई सलाह या मदद चाहिए, तो आज ही हमारे अनुभवी वकीलों से बात करें।


LawRato


धारा 74 बीएनएस




BNS धारा 74 के लिए अनुभवी वकील खोजें

बीएनएस धारा 74 पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 क्या है ?

बीएनएस सेक्शन 74, महिलाओं के खिलाफ ऐसे हमलों या अपराधों से संबंधित है जो उनकी मर्यादा व सम्मान (modesty) का अपमान करते हैं।



बीएनएस की धारा 74 कब लागू होती है?

जब भी कोई व्यक्ति किसी महिला को बिना उसकी अनुमति के छेड़ता है, उसको गालियां देता है, या किसी भी प्रकार से हमला करने की कोशिश करता है तो उस व्यक्ति पर धारा 74 लगती है। 



क्या यह धारा घरेलू हिंसा के मामलों में भी लागू होती है?

हां, यदि घरेलू हिंसा के दौरान महिला के सम्मान का अपमान होता है, तो धारा 74 लागू हो सकती है।



क्या BNS Section 74 में तुरंत गिरफ्तारी हो सकती है?

हाँ यह एक संज्ञेय अपराध (cognizable offense) है, जिसके लिए पुलिस बिना वारंट के आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है।



क्या धारा 74 केवल महिलाओं के लिए लागू होती है?

हाँ, BNS Section 74 विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए लागू होती है।



क्या BNS 74 में आरोपी व्यक्ति को जमानत मिल सकती है?

नहीं, बीएनएस की धारा 74 एक गैर-जमानती धारा है इसलिए इसमें आरोपी व्यक्ति को जमानत नहीं मिल सकती। 



धारा 74 में FIR सीधे दर्ज हो सकती है

हाँ, यह एक cognizable offence है यानी पुलिस को बिना कोर्ट की अनुमति के भी FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी करने का अधिकार होता है।