विषयसूची
- बीएनएस की धारा 70 क्या है - BNS Section 70 (1) (2) in Hindi
- बीएनएस धारा 70 के अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:-
- धारा 70 के तहत अपराध की श्रेणी में आने वाले कुछ अन्य गंभीर कार्य
- इस धारा के लगने का आपराधिक उदाहरण
- इस धारा के साथ लगने वाले कुछ अन्य सेक्शन
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 के अपराध के लिए दंड
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 में जमानत का प्रावधान
- बीएनएस धारा 70 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहां हर दिन अखबारों की सुर्खियों में सामूहिक बलात्कार के नए-नए मामले सामने आते रहते हैं। यह एक ऐसा जघन्य अपराध जो न केवल किसी महिला के व्यक्तिगत जीवन को तबाह कर देता है बल्कि देश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70, सामूहिक बलात्कार से संबंधित है। इस धारा के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की महिला के साथ सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) के लिए आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। आज हम इस सेक्शन के बारे विस्तार से जानेंगे कि, बीएनएस की धारा 70 (1) (2) क्या है (BNS Section 70 in Hindi)? इस एक्ट के जुर्म के लिए सजा और जमानत का क्या प्रावधान है?
सामूहिक बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों से निपटने के लिए बनाए गए कानूनों को पहले से और अधिक कठोर बना दिया गया है। पहले ऐसे मामलों में Indian Penal Code (IPC) की धारा 376d के तहत मुकदमे दर्ज होते थे। लेकिन BNS के कुछ समय पहले लागू किए जाते ही Bhartiya Nyaya Sanhita की धारा 70 के तहत इन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई की जाने लगी है। इस अपराध में कई बदलावों के साथ ही कुछ अन्य प्रावधानों को भी जोड़ा गया है। जिसको जानने व समझने के लिए इस लेख को पूरा जरुर पढ़े।
बीएनएस की धारा 70 क्या है - BNS Section 70 (1) (2) in Hindi
भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) से संबंधित है। यह धारा तब लागू होती है जब दो या दो से अधिक व्यक्ति एक साथ मिलकर किसी महिला के साथ बलात्कार करते हैं। सामूहिक बलात्कार एक अत्यंत गंभीर अपराध है और इसके तहत अपराधियों को कठोर सजा का प्रावधान (Provision) है। इस धारा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ हो रहे जघन्य अपराधों को रोकना और दोषियों को सख्त सजा देना है।
धारा 70 के इस अपराध को 2 उपधाराओं (Sub-Sections) के द्वारा विस्तार से बताया गया है जो कि इस प्रकार है:-
- BNS 70 (1):- जब एक महिला के साथ एक या एक से अधिक व्यक्ति मिलकर या एक सामान्य इरादे (Common Intention) के साथ बलात्कार करते हैं, तो इस धारा के अनुसार सभी को दोषी माना जाएगा। इसका मतलब है कि चाहे कोई व्यक्ति सीधे तौर पर बलात्कार में शामिल हो या न हो अगर वह उस कार्य में किसी भी तरह से सहयोग कर रहा हो, वह भी समान रूप से अपराधी माना जाएगा।
- BNS 70 (2):- अगर 18 वर्ष से कम उम्र की महिला के साथ एक समूह में लोग बलात्कार करते हैं, या वे एक सामान्य इरादे से मिलकर यह अपराध करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बलात्कार का दोषी (Guilty) माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप (Directly) से बलात्कार में शामिल है या किसी भी तरह से उसमें मदद कर रहा है, वह सभी को समान रूप से दोषी माना जाएगा।
बीएनएस धारा 70 के अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:-
- इस अपराध को करने में कम से कम दो या दो से अधिक व्यक्ति शामिल होते हैं।
- सभी व्यक्ति एक साथ मिलकर या एक ही इरादे (Same Intention) से इस अपराध को अंजाम देते हैं।
- अपराध का शिकार हमेशा एक महिला होती है।
- पीड़ित महिला आमतौर पर भय के कारण विरोध करने में असमर्थ होती है।
- कई मामलों में यह अपराध पहले से ही योजना बनाकर किया जाता है।
- अपराध के दौरान पीड़ित महिला के साथ अक्सर शारीरिक या मानसिक हिंसा की जाती है।
- इस अपराध में अक्सर समूह द्वारा पीड़ित महिला का उत्पीड़न (Harassment) किया जाता है।
- यदि पीड़ित 18 वर्ष से कम उम्र का है, तो इस अपराध के लिए सजा और भी कठोर है।
धारा 70 के तहत अपराध की श्रेणी में आने वाले कुछ अन्य गंभीर कार्य
- यदि एक से अधिक व्यक्ति किसी महिला के साथ उसकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाते हैं, तो यह सामूहिक बलात्कार का अपराध माना जाएगा।
- यदि महिला को धमकाकर किसी चीज का भय (Fear) दिखाकर, या उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता है, तो यह भी गंभीर अपराध है।
- किसी महिला को नशीला पदार्थ देकर या उसे बेहोश कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार करना।
- महिला को जबरदस्ती कहीं ले जाकर उसके साथ एक से अधिक लोगो द्वारा बलात्कार करना भी इस धारा के तहत दंडनीय (Punishable) है।
- यदि कोई व्यक्ति बलात्कार में शामिल किसी अन्य व्यक्ति की सहायता करता है, चाहे वह प्रत्यक्ष रूप से यौन क्रिया में शामिल न हो, तब भी उसे दोषी माना जाएगा।
- बलात्कार के दौरान महिला की वीडियो रिकॉर्डिंग या तस्वीरें लेना, और इसे ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल करना भी अपराध है।
- यदि कोई व्यक्ति बलात्कार की योजना बनाता है या इस तरह की साजिश में शामिल होता है, तो उसे भी इस एक्ट के तहत दोषी ठहराया जा सकता है।
इस धारा के लगने का आपराधिक उदाहरण
अंजली खुशी से रहने वाली बहुत ही हंसमुख लड़की थी, जो अपने दोस्तों के साथ समय बिताना पसंद करती थी। उसकी अपने एक दोस्त राजेश के साथ बहुत ही सालों पुरानी दोस्ती थी, और वह उस पर पूरा भरोसा करती थी। एक दिन अंजली राजेश के साथ किसी पार्टी में चली जाती है। कुछ समय बाद राजेश का दोस्त विकास भी उसी पार्टी में आ जाता है। राजेश और विकास अंजली के पानी के गिलास में कुछ मिला देते है। अंजली को पता नहीं था कि उसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया है। जैसे ही उसने पानी पिया, उसे बेहोशी सी महसूस होने लगी।
इसका फायदा उठाकर राजेश और विकास ने अंजली के साथ जबरदस्ती की। अंजली ने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह कुछ कर नहीं सकी। राजेश और विकास ने मिलकर उसका शोषण किया। इस दौरान दोनों का उद्देश्य केवल अंजली का बलात्कार करना था, और उन्होंने इसमें एक-दूसरे का पूरा सहयोग किया। अंजली जब होश में आई तो वह बुरी तरह से टूट चुकी थी। जिसके बाद उसने हिम्मत जुटाई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस राजेश व विकास दोनों को गिरफ्तार कर लेती है और उन पर सामूहिक बलात्कार की धारा 70 के तहत कार्यवाही करती है।
इस धारा के साथ लगने वाले कुछ अन्य सेक्शन
- सामान्य बालात्कार की धारा (BNS 64)
- धोखे से किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाना (BNS 69)
- महिला को निर्वस्त्र करने के लिए हमला करना (BNS 76)
- महिला का पीछा करना (BNS 78)
- हत्या करना (BNS 103)
भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 के अपराध के लिए दंड
बीएनएस की धारा 70 में किसी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करने के अपराध के दोषी व्यक्तियों के लिए सजा (Punishment) को इसकी उपधारा 70 (1) और उपधारा (2) के अंदर बताया गया है जो कि इस प्रकार है:-
- बीएनएस सेक्शन 70 (1) की सजा:- किसी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के दोषी पाये जाने वाले सभी व्यक्तियों को इस गंभीर अपराध के लिए एक समान सजा दी जाएगी। इसके लिए उन्हें कम से कम 20 साल की सजा मिलेगी, और यह सजा उनके पूरे जीवन तक भी बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा दोषियों को जुर्माना भी देना होगा और यह जुर्माना उस महिला के इलाज और उसके पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए होगा।
- बीएनएस सेक्शन 70 (2) की सजा:- 18 वर्ष से कम उम्र की किसी लड़की के साथ एक सामूहिक रुप से बलात्कार करने के दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा दी जा सकती है। इसके साथ ही अपराध की गंभीरता को देखते हुए सभी दोषी व्यक्तियों को मौत की सजा (Death Sentence) से भी दंडित (Punished) किया जा सकता है। इसके अलावा दोषियों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो पीड़िता के चिकित्सा खर्च (Medical Expenses) और पुनर्वास के लिए निर्धारित किया जाएगा।
जाने - पॉक्सो एक्ट कब लगता है - सजा और जमानत
भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 में जमानत का प्रावधान
बीएनएस की धारा 70 के अनुसार किसी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का अपराध संज्ञेय (Cognizable) यानी बहुत ही गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जो एक गैर-जमानती अपराध (Non-Bailable Offence) भी माना होता है, जिसका मतलब है कि इस धारा के तहत आरोपी व्यक्तियों को जमानत (Bail) मिलना अत्यंत कठिन होता है।
ऐसे गंभीर अपराधों में न्यायालय केवल विशेष परिस्थितियों में ही जमानत पर विचार कर सकता है, जब यह साबित हो जाए कि आरोपी पर लगे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है या वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। ऐसे अपराध किसी प्रकार के समझौते (Compromise) के योग्य नहीं होते है।
निष्कर्ष:- BNS Section 70 के तहत सामूहिक बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। यह धारा महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है और न्यायिक प्रक्रिया में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है। अगर आपको किसी भी कानूनी समस्या की जानकारी चाहिए या कोई भी सहायता चाहिए तो आप हमारे काबिल वकीलों से घर बैठे बात कर सकते है।
बीएनएस धारा 70 पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70 कब लगती है?
बीएनएस सेक्शन 70 जमानती है या गैर-जमानती?
भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 सामूहिक अपराध जैसे जघन्य अपराध से संबंधित है। जो की एक गैर-जमानती अपराध है, इसलिए इसमें आरोपी व्यक्तियों को जमानत नहीं मिलती है।
क्या सामूहिक बलात्कार एक संज्ञेय अपराध है?
हां, सामूहिक बलात्कार एक संज्ञेय अपराध है। इसका मतलब है कि पुलिस अधिकारी बिना वारंट के सामूहिक बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है। संज्ञेय अपराधों को गंभीर अपराध माना जाता है, जहां पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
BNS Section 70 (1) (2) के तहत सजा क्या है?
बीएनएस की धारा 70(1) के तहत सभी दोषी व्यक्तियों को कम से कम 20 साल की कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा दी जा सकती है। BNS 70(2) तब लागू होती है जब सामूहिक बलात्कार जैसा जघन्य कार्य किसी 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ किया जाता है। इस अपराध के दोषी व्यक्तियों को आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड की सजा दी जा सकती है।