BNS Section 64 in Hindi : बलात्कार की धारा में सजा और जमानत के नियम


बलात्कार की धारा BNS Section 64 in Hindi

विषयसूची

  1. बीएनएस की धारा 64 क्या है
  2. भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत बलात्कार​ की सजा
  3. भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के आवश्यक तत्व:-
  4. धारा 64 के तहत अपराध में किए जाने वाले कुछ कार्य
  5. बीएनएस सेक्शन 64 के अपराध का उदाहरण
  6. जमानत कब व कैसे मिलती है
  7. बलात्कार के अपराध के साथ लगने वाली मुख्य धाराएं
  8. बलात्कार​ के अपराध की शिकायत कैसे करें?
  9. महिलाओं के लिए सावधानी रखने योग्य कुछ आवश्यक बातें
  10. झूठे​ बलात्कार बलात्कार​ केस में आरोपी के लिए बचाव उपाय
  11. बीएनएस धारा 64 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 64 बलात्कार के लिए दंड से संबंधित है। बीएनएस की धारा 64 की उपधारा (1) और (2) के तहत दोषी को कम से कम 10 साल की कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है। अगर अपराधी कोई प्रभावशाली व्यक्ति है, जैसे पुलिस या सरकारी अधिकारी, या पीड़िता को गंभीर चोट पहुंचाई गई है, तो सजा और बढ़ सकती है।

इस लेख में हम रेप के अपराध से जुडी इस धारा के बारे में डिटेल में जानेंगे कि बीएनएस सेक्शन 64 क्या है? बलात्कार के अपराध की धारा में सजा, जमानत और बचाव के प्रावधान?

सबसे पहले तो देश के हर नागरिक व महिलाओं के लिए यह जानना जरुरी है कि बलात्कार के दोषी व्यक्तियों को कुछ समय पहले तक इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 376 के तहत सजा दी जाती थी। परन्तु जब से नए कानून BNS को लागू किया गया है, उसके बाद से इस अपराध के दोषी व्यक्तियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत सजा दी जाएगी। इसलिए इस गंभीर अपराध की सजा में किए गए नए बदलाव को जानने व समझने के लिए इस आर्टिकल को जरुर पढ़े।


बीएनएस की धारा 64 क्या है

भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 जो बलात्कार जैसे गंभीर अपराध के लिए सजा का प्रावधान करती है। जब कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ उनकी सहमति के बिना जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता है, तो इस अपराध को बलात्कार (रेप) कहा जाता है। इसलिए इसमें बताया गया है, कि जो कोई भी व्यक्ति बलात्कार करने के अपराध का दोषी पाया जाता है। उस व्यक्ति को बीएनएस की धारा 64 के तहत सजा दी जाती है।

बीएनएस की धारा 64 के तहत रेप की सजा को 2 उपधाराओं के द्वारा बताया गया है:-

  1. BNS Section 64 (1):- इसमें बताया गया है कि जो भी व्यक्ति उपधारा (2) में बताई गई परिस्थितियों को छोड़कर बलात्कार करता है, उन्हें कठोर कारावास की सजा व जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
  2. BNS Section 64 (2):- इसमें विशेष रूप से बलात्कार के गंभीर रुपों के बारे में बताया गया है। यह प्रावधान उन व्यक्तियों पर कठोर दंड लगाने का प्रयास करता है जो सत्ता, विश्वास या अधिकार के पदों पर रहते हुए बलात्कार करते हैं।

धारा 64(2) स्पष्ट रूप से ऐसे व्यक्तियों के बारे में बताती है, जो यदि बलात्कार करते हैं, तो उन्हें और भी गंभीर अपराध करने वाला माना जाएगा। जो कि इस प्रकार है:-

  • किसी पुलिस अधिकारी के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसी महिला के साथ बलात्कार करना।
  • किसी लोक सेवक द्वारा ऐसा अपराध करना, लोक सेवक के रुप में ऐसे लोग आते है जिनको लोगों के हितों के लिए किए जाने वाले कार्य सौंपे गये है। जैसे सरकारी अधिकारी और कर्मचारी। जब कोई लोक सेवक बलात्कार करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो इसे भी गंभीर अपराध माना जाता है।
  • सशस्त्र बलों या सेना के जवानों या अधिकारियों द्वारा अपने पद का गलत इस्तेमाल करके किसी महिला के साथ रेप करना।
  • जब कोई अधिकारी अपनी जेल में कैद किसी महिला के साथ रेप करता है।
  • महिला व बाल संस्थानों के कर्मचारियों द्वारा किसी महिला के साथ रेप जैसा गंभीर अपराध करना।
  • ऐसे संस्थान जो महिलाओं और बच्चों को देखभाल और सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं।
  • किसी भी अस्पताल के डाक्टर या अन्य स्टाफ द्वारा रेप करना।
  • किसी गर्भवती महिला के साथ रेप करना।
  • किसी दोस्त या रिश्तेदार द्वारा बलात्कार करना।
  • मानसिक रुप से बीमार महिला के साथ ऐसा गलत कार्य करना।
  • किसी भी हिंसा के दौरान महिलाओं के साथ बलात्कार करना।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के आवश्यक तत्व:-

  • बलात्कार के अपराध को बीएनएस की धारा 63 के तहत परिभाषित किया गया है।
  • रेप के दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास की सजा से दंडित किया जा सकता है।
  • यदि एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार किया जाता है, तो सजा को और अधिक बढ़ाया जा सकता है।
  • यदि 12 वर्ष से कम आयु की किसी लड़की के साथ बलात्कार किया जाता है तो उसके दोषी व्यक्ति को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया जा सकता है।

धारा 64 के तहत अपराध में किए जाने वाले कुछ कार्य


बीएनएस सेक्शन 64 के अपराध का उदाहरण

पायल और अंकित दोनों एक ही कंपनी में एक साथ काम करते थे। उन दोनों में काफी समय से बहुत ही अच्छी दोस्ती थी, और अंकित पायल को पसंद भी करता था। एक दिन दोनों को कंपनी के एक प्रोजेक्ट के लिए किसी दूसरे शहर में एक सप्ताह के लिए जाना पड़ा।

दोनों एक ही होटल में ठहरे, लेकिन अलग-अलग कमरों में। एक रात अंकित ने पायल को अपने कमरे में एक साथ डिनर करने के लिए बुलाया, और दोनों ने साथ में डिनर किया। जिसके बाद अंकित ने चुपचाप से पायल के पानी में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया।

जिसको पीने के थोड़ी देर बाद ही पायल को चक्कर आने लगे, इसके बाद अंकित ने पायल की कमजोर हालत का फायदा उठाया और उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। जिसके बाद सुबह जब पायल को होश आया तो उसने अंकित के खिलाफ शिकायत पुलिस में दर्ज करवा दी।

पुलिस ने अंकित को पायल की शिकायत पर गिरफ्तार कर लिया व बाद में उस पर बीएनएस सेक्शन 64 के तहत कार्यवाही की गई।


भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत बलात्कार​ की सजा

भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत बलात्कार के लिए सजा को अपराध की गंभीरता के अनुसार 2 उपधाराओं के अंदर बताया गया है:-

  1. धारा 64 (1) के तहत सजा:- इसमें बताया गया है कि जो कोई भी व्यक्ति उपधारा (2) में बताई गई बातों व परिस्थितियों को छोड़कर बलात्कार करता है। उसे कम से कम दस वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही दोषी व्यक्ति पर जुर्माना (Fine) भी लगाया जा सकता है।
  2. धारा 64 (2) के तहत सजा:- इसमें बलात्कार के गंभीर रुपों के बारे में बताया गया है, यदि कोई व्यक्ति इस धारा के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसे धारा 64(1) में दी गई सजा से अधिक सजा से दंडित किया जा सकता है। इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति किसी 12 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ रेप का दोषी पाया जाता है तो उसे मृत्युदंड की सजा भी दी जा सकती है।

जमानत कब व कैसे मिलती है

बीएनएस की धारा 64 में बलात्कार के अपराध की गंभीरता को देखते हुए संज्ञेय व गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए जिस भी व्यक्ति को धारा 64 के तहत रेप के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है, उसे जमानत नहीं दी जाती है।


बलात्कार के अपराध के साथ लगने वाली मुख्य धाराएं


बलात्कार​ के अपराध की शिकायत कैसे करें?

यदि कोई भी महिला बलात्कार का शिकार हुई है तो आरोपी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए आप ये सभी आवश्यक कदम उठा सकती है:-

  • यदि किसी के साथ ऐसा जुर्म होता है तो तुरन्त पुलिस हैल्पलाइन न0 100 या 112 पर फोन करें।
  • इसके अलावा आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
  • जब आप पुलिस स्टेशन या अस्पताल जाएं तो अपने साथ किसी को जरुर लेकर जाए।
  • शिकायत दर्ज कराने में देरी न करें, जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज कराएंगी उतना ही अच्छा होगा।
  • आरोपी व्यक्ति से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस को बताए।
  • इसके बाद तुरंत किसी अस्पताल में जाएं और चिकित्सा सहायता लें।
  • कपड़े, चोट के निशान आदि को सुरक्षित रखें।
  • अगर आप की शिकायत दर्ज करने में पुलिस देरी करें तो किसी बड़े अधिकारी या एनजीओ से संपर्क करें।
  • इसके साथ ही दोषी व्यक्ति को आगे की सजा दिलवाने के लिए किसी वकील से जरुर मिलें।

महिलाओं के लिए सावधानी रखने योग्य कुछ आवश्यक बातें

  • रात के समय अंधेरे वाली या सुनसान जगह पर अकेले जान से बचे।
  • किसी भी अजनबी व्यक्ति की बातों में ना आए।
  • हमेशा अपने फोन में आपातकालीन न0 रखे व किसी भी संकट में तुरंत उस नंबर पर फोन करें।
  • सुनिश्चित करें कि आपके घर में सभी दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद हैं, खासकर जब आप अकेले हों।
  • जब आप किसी नए स्थान पर जा रही हों तो अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को अपनी लोकेशन के बारे में बताएं।
  • सार्वजनिक स्थानों पर अपने खाने-पीने की चीजों पर हमेशा अपनी नजर में रखें।

झूठे​ बलात्कार बलात्कार​ केस में आरोपी के लिए बचाव उपाय

कभी-कभी कुछ मामले ऐसे भी देखे जाते है जिनमें कुछ लोगों को रेप जैसे अपराधों के लिए भी झूठे आरोपों में फंसा दिया जाता है। ऐसे ही मामलों में कुछ बचाव उपाय आपके काम आ सकते है जो कि इस प्रकार है:-

  • यदि आपने कोई अपराध नहीं किया है और किसी महिला द्वारा आप पर इस अपराध के लिए झूठे आरोप लगाए गए है, तो सबसे पहले अपने बचाव के लिए किसी काबिल वकील का चुनाव करें।
  • अपने मामले से जुड़ी हर छोटी से छोटी बात अपने वकील को विस्तार से सच-सच बताए।
  • यदि आपके पास खुद को बेगुनाह साबित करने के कोई भी सबूत है तो उन सभी को अपने वकील को दे।
  • अगर आपके पास कोई ऐसा गवाह है जो यह साबित कर सके कि आपने किसी महिला के साथ गलत नहीं किया है तो उसे कोर्ट में गवाही के लिए पेश करें।
  • इस प्रकार के मामलों में बहुत ही संयम से काम ले, व हमेशा कोर्ट व पुलिस के आदेशों का पालन करें।
  • अपने बचाव से संबंधित कुछ भी आवश्यक बात पता चलते ही अपने वकील को जरुर बताए।

निष्कर्ष :- बीएनएस धारा 64 महिलाओं के साथ होने वाले बहुत ही गंभीर बलात्कार के अपराधों के दोषी व्यक्तियों को दंडित करती है। जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने का प्रयास करता है। यह सत्ता और विश्वास के पदों पर बैठे लोगों के लिए भी विशेष रुप से कार्यवाही का प्रावधान करती है।

यह कानून सभी को एक मजबूत संदेश देता है कि ऐसे अपराधों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर आप इस प्रकार के किसी भी मामले से पीड़ित है, या कोई भी समस्या के लिए कानूनी सलाह पाना चाहते है। तो आप आज ही हमारे अनुभवी वकीलों से बात कर सकते है।


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धारा 64 बीएनएस




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बीएनएस धारा 64 पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


बीएनएस सेक्शन 64 क्या है और यह किस जुर्म में लागू होती है?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 रेप के अपराध से संबंधित है, जो कोई भी किसी महिला के साथ बलात्कार करने का जघन्य अपराध करता है। यह धारा उस व्यक्ति पर लागू होती है व इसके तहत दोषी व्यक्ति को कठोर दंड दिया जाता है। 



बीएनएस की धारा 64 में बलात्कार के अपराध की सजा क्या है?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के अनुसार बलात्कार (Rape) के अपराध के दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति को 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास व मृत्युदंड तक की सजा से दंडित किया जा सकता है।  



भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 जमानती है या गैर-जमानती?

बीएनएस की धारा 64 में बलात्कार का अपराध संज्ञेय व गैर-जमानती होता है। इसलिए इस अपराध के आरोपी व्यक्ति को जमानत नहीं दी जाती है। 



BNS Section 64 के तहत कोई महिला शिकायत कहाँ व कैसे दर्ज करवा सकती है?

यदि किसी भी महिला के साथ बलात्कार होता है तो पीड़ित महिला तुरन्त पुलिस हैल्पलाईन 112 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। इसके साथ ही महिला अपने पास ही के पुलिस स्टेशन जाकर भी शिकायत दर्ज करवा सकती है। 



क्या झूठे रेप केस में आरोपी जमानत ले सकता है?

हाँ। आरोपी कोर्ट से अग्रिम जमानत या नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।