जन्म प्रमाण पत्र क्या होता है और इसे बनवाने की प्रक्रिया क्या है

June 15, 2024
एडवोकेट चिकिशा मोहंती द्वारा
Read in English



जन्म प्रमाण पत्र क्या होता है?

किसी भी बच्चे या व्यक्ति के लिए जन्म प्रमाण पत्र बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है। किसी भी प्रकार का सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए आपको जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ती है। आज के समय में जन्म प्रमाण पत्र का होना अनिवार्य हो गया है। बच्चे के पैदा होने के बाद जन्म प्रमाण पत्र का होना बहुत ही जरुरी है ।आजकल हर कार्य में चाहे स्कूल हो या कॉलेज या कोई भी सरकारी काम हो या पासपोर्ट बनवाना हो तब हमें जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है, यदि किसी बच्चे का जन्म हॉस्पिटल में होता है, तब वहां से ही बच्चे के माता - पिता को बच्चे के जन्म के 21 दिन के उपरांत बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र दे दिया जाता है, या उस समय किसी कारण से आपके बच्चे को जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है, तो आप अपने नजदीकी पंचायत कार्यालय से जाकर भी बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। चूँकि भारत देश अब डिजिटल इंडिया बन चुका है। सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आधिकारिक भी वेबसाइट लांच की है, आप अगर जन्म प्रमाण पत्र बनाना चाहते हो तो आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके आप अपना या अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र खुद ही बना सकते हो।

अपनी कानूनी समस्या के लिए वकील से बात करें
 


जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया

जन्म प्रमाण पत्र मुख रूप से दो प्रकार से बनाया जा सकता है, इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। ऑनलाइन के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भर के आवेदन कर सकते हैं, और ऑफलाइन माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया नीचे दी गयी है।
इसके लिए आपको निम्न बिंदुओं पर ध्यान देना होगा जो कि निम्लिखित हैं,

  1. सर्वप्रथम संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय से जन्म पंजीकरण फॉर्म लें।

  2. अगर बच्चा अस्पताल में पैदा हुआ है, तो चीफ मेडिकल ऑफिसर स्वयं ही आपको फॉर्म दे देते हैं।

  3. फॉर्म भरने के बाद बच्चे के जन्म से संबंधित अस्पताल द्वारा प्राप्त दस्तावेज के साथ इसे रजिस्ट्रार के पास जमा करवा दें।

  4. इसके बाद जन्म रिकॉर्ड (दिनांक, समय, जन्म स्थान, माता - पिता का नाम, नर्सिंग होम / अस्पताल) संबंधित सभी तथ्यों का सत्यापन रजिस्ट्रार द्वारा किया जाता है।

  5. इसके बाद बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र आवेदक को जारी किया जाता है।

  6. 7 से 15 दिन तक आपके पते पर जन्म प्रमाणपत्र भेज दिया जाता है।

  7. जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के सेक्शन 14 के तहत, बच्चे के नाम के बिना भी जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है।

  8. ऐसे मामलों में नाम पंजीकरण प्राधिकरण द्वारा बच्चे के जन्म पंजीकरण की तारीख से 12 महीने के भीतर और कुछ नियमों के साथ 15 साल तक निर्धारित शुल्क के साथ दर्ज किया जा सकता है।

  9. अगर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जन्म के 21 दिन के भीतर पंजीकृत नहीं होता है, तो राजस्व अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस बच्चे के जन्म और अन्य संबंधित तथ्यों का सत्यापन करेगी। आमतौर पर यह एक लंबी प्रक्रिया होती है।
     


जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज

  1. बच्चे का नाम (वैकल्पिक)

  2. जन्म तिथि

  3. जन्म स्थान

  4. माता - पिता का नाम

  5. माता - पिता का व्यवसाय तथा पता

  6. यदि बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ है, तो बच्चे को अस्पताल में ही जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करवाया जाता है

    सिविल कानून के वकीलों से बात करें
     


जन्म प्रमाण पत्र कहाँ से जारी किया जाता है?

जन्म प्रमाण पत्र राज्य सरकार द्वारा एक प्राधिकरण के जरिये जारी किया जाता है, जो कि व्यक्ति या बच्चे की जन्म तिथि को प्रमाणित करता है। यह जन्म प्रमाण पत्र जारी करने वाला प्राधिकरण राज्यों में भिन्न होते है, आमतौर पर यह तहसीलदार द्वारा जारी किया जाता है, लेकिन कई राज्यों व् केंद्रीय शासित प्रदेशों में जन्म प्रमाण पत्र जिला मजिस्ट्रेट / कलेक्टर / राजस्व क्षेत्र अधिकारी / उप प्रभागीय मजिस्ट्रेट या अन्य जिला प्राधिकरण के द्वारा जारी किया जाता है।
 


जन्म प्रमाण पत्र का महत्व

  1. व्यक्ति जन्म प्रमाण पत्र की मदद से सरकारी योजनाओं का पूर्ण रूप से लाभ उठा सकता है।

  2. बच्चे स्कूल या कॉलेज द्वारा छात्रवृति प्राप्त कर सकते हैं।

  3. यदि आपके पास जन्म प्रमाण पत्र है, तो आप अन्य दस्तावेज भी आसानी से बना सकते हैं।

  4. यदि आप कहीं सम्पति लेते हैं, या आपके नाम पर आपकी विरासत की सम्पति होने वाली है, तो आपको दस्तावेज के तौर पर अपना जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

  5. बाल विवाह जैसे शोषण के मामलों से बचने के लिए

  6. सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए आपको जन्म प्रमाण पत्र देना होता है।

  7. विरासत व संपत्ति का दावा करने के लिए भी यह आपकी मदद कर सकता है

    अपनी कानूनी समस्या के लिए वकील से बात करें
     


जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एक वकील कैसे आपकी मदद कर सकता है?

पहले और सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक जो आपको शुरू करना चाहिए, वह एक अच्छा वकील को नियुक्त करना है, क्योंकि वह कानूनी प्रक्रियाओं की नीट - ग्रिट्टी और जन्म प्रमाण पत्र के मामले में शामिल आवश्यक आवश्यकताओं से पूर्ण रूप से अवगत होता है। जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन एक आवेदन फॉर्म भरना पड़ता है, जिसमें बहुत सी छोटी - बड़ी बातों को ध्यान में रखना पड़ता है, जिसके लिए एक वकील ही आपकी उचित मदद कर सकता है। एक वकील के पास दस्तावेजों को संभालने और ड्राफ्ट करने के लिए आवश्यक कानूनी ज्ञान और अनुभव होता है। वह आपको मार्गदर्शन करने में सक्षम होंगे और आपकी विशेष परिस्थिति तथ्य, परिस्थितियाँ, व्यावसायिक जोखिम, और इसमें शामिल होने की आवश्यकता के अनुसार आपके लिए जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन का मसौदा तैयार करेंगे। एक वकील को अच्छी क़ानूनी तकनीकों के बारे में पता होता है। एक वकील को काम पर रखने से आपको एक से अधिक तरीकों से मदद मिलेगी।





ये गाइड कानूनी सलाह नहीं हैं, न ही एक वकील के लिए एक विकल्प
ये लेख सामान्य गाइड के रूप में स्वतंत्र रूप से प्रदान किए जाते हैं। हालांकि हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करते हैं कि ये मार्गदर्शिका उपयोगी हैं, हम कोई गारंटी नहीं देते हैं कि वे आपकी स्थिति के लिए सटीक या उपयुक्त हैं, या उनके उपयोग के कारण होने वाले किसी नुकसान के लिए कोई ज़िम्मेदारी लेते हैं। पहले अनुभवी कानूनी सलाह के बिना यहां प्रदान की गई जानकारी पर भरोसा न करें। यदि संदेह है, तो कृपया हमेशा एक वकील से परामर्श लें।

अपने विशिष्ट मुद्दे के लिए अनुभवी सिविल वकीलों से कानूनी सलाह प्राप्त करें

सिविल कानून की जानकारी


भारतीय संविधान की मूल संरचना

भारत में पर्यावरण कानून

रेस-जुडिकाटा के सिद्धांत का विघटन

हुक्का पार्लर लाइसेंसिंग और पंजीकरण नीति