क्या बालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर लड़के को सजा मिल सकती है


सवाल

एक 18 वर्षीय लड़की को एक लड़का और उसके दो साथी बहला-फुसलाकर भगा ले गए और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए पुलिस ने इस मामले में कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की क्योंकि लड़की ने अपने बयान में यह कह दिया कि वह अपनी मर्जी से गई थी लड़की के माता-पिता अब उस लड़के और उसके साथियों पर कानूनी केस दर्ज कराना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि क्या बालिग होने के बावजूद लड़के को सजा दिलाई जा सकती है और क्या इस मामले में बाल अधिकार अधिनियम के तहत कार्यवाही संभव है।

उत्तर (2)


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यदि लड़की की आयु घटना के समय 18 वर्ष या उससे अधिक थी और उसने मजिस्ट्रेट के सामने यह बयान दिया है कि वह अपनी मर्जी से गई थी, तो उस पर अपहरण (Kidnapping) या बलात्कार (Rape) का मामला चलाना कानूनी रूप से बहुत कठिन होता है। भारतीय कानून के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला अपनी मर्जी से कहीं भी जाने और सहमति से शारीरिक संबंध (Consensual Relationship) बनाने के लिए स्वतंत्र है। ऐसी स्थिति में पुलिस आमतौर पर मामले को रफा-दफा कर देती है क्योंकि कोई अपराध सिद्ध नहीं होता।

सजा की संभावना केवल तभी बनती है यदि यह साबित किया जा सके कि सहमति धोखे से ली गई थी। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत, यदि कोई पुरुष किसी महिला से शादी का झूठा वादा (False promise to marry) करके या अपनी पहचान छिपाकर शारीरिक संबंध बनाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। यदि लड़के ने शादी का झांसा देकर लड़की को साथ चलने के लिए तैयार किया था, तो माता-पिता इस धारा के तहत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

जहाँ तक बाल अधिकार अधिनियम (POCSO Act) का सवाल है, यह कानून केवल 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर लागू होता है। चूंकि लड़की की उम्र 18 वर्ष बताई गई है, इसलिए इस मामले में बाल अधिकार अधिनियम के तहत कार्यवाही नहीं की जा सकती। यदि माता-पिता को लगता है कि लड़की ने दबाव या डर में बयान दिए हैं, तो वे वकील के माध्यम से अदालत में दोबारा बयान (Re-statement) दर्ज कराने या उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच (Fair Investigation) की मांग कर सकते हैं।

लड़की के साथ मौजूद दो अन्य लड़कों पर भी तभी कार्यवाही हो सकती है जब मुख्य आरोपी के खिलाफ अपराध साबित हो। यदि लड़की अपने बयान पर कायम रहती है कि सब कुछ उसकी मर्जी से हुआ, तो कानून की नजर में यह कोई अपराध नहीं माना जाएगा। परिवार को सलाह दी जाती है कि वे लड़की से शांति से बात करें और यह समझें कि क्या वह वास्तव में अपनी मर्जी से गई थी या उसे किसी तरह ब्लैकमेल किया गया था।

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कृपया अपना सवाल दोबारा से गठित करें। क्या कथित लड़की 18 साल की आयु की है या नहीं ? उसके घर से चले जाने के बारे कोई एफ आई आर अभी तक हुई है या नहीं ? कृपया बताएं । तभी आपको सलाह दे पाना संभव होगा!
धन्यवाद


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