यूएपीए एक्ट क्या है? UAPA Act कब लागू होता है - धारा, सजा, जमानत



गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA एक सख्त आतंकवाद-विरोधी कानून है, जिसका मकसद देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ होने वाली गैरकानूनी गतिविधियों और आतंकी कृत्यों को रोकना है। यूएपीए एक्ट के तहत केंद्र सरकार किसी व्यक्ति या संगठन को आतंकवादी घोषित कर सकती है, उसकी संपत्ति कुर्क कर सकती है और कठोर सजा (आजीवन कारावास/मृत्युदंड) का प्रावधान है।

इस लेख में हम आसान भाषा में जानेंगे कि UAPA एक्ट क्या है, यह कब और किन मामलों में लागू होता है, UAPA के तहत सजा कितनी होती है, जमानत क्यों मुश्किल होती है और आरोपी के पास कानूनी बचाव के क्या विकल्प होते हैं।


यूएपीए एक्ट क्या है? What is UAPA  Act in Hindi

UAPA Full form है Unlawful Activities (Prevention) Act. जिसका हिन्दी में मतलब होता है। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम). मूल रुप से यूएपीए एक्ट को वर्ष 1967 में लागू किया गया था। हमारे देश में इस कानून को लागू करने का मुख्य उद्देश्य देश में होने वाली आतंकी गतिविधियों को रोकना है। इस कानून के तहत पुलिस द्वारा ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाता है जो किसी भी प्रकार से आतंकी गतिविधियों में शामिल होते है।

ऐसे लोग या लोगों का समूह जो आतंकवादियों को तैयार करने में या किसी भी प्रकार से मदद करते है। उन पर इस कानून के तहत कार्यवाही की जाती है। इस तरह के मामलों को संभालने के लिए NIA (National Investigation agency) की बहुत भूमिका होती है। जिसमें इस तरह के मामलों में कार्यवाही करने के लिए बहुत शक्तियाँ दी गई है। NIA महानिदेशक अगर चाहे तो किसी संदिग्ध या आरोपी की संपत्ति को भी जब्त और कुर्क करवा सकते है।



आतंकवादी गतिविधि क्या होती है?

यूएपीए कानून के बारे में जानने के लिए इस बात को समझना बहुत ही जरुरी है कि ऐसे कौन से कार्य होते है। जिन्हें आतंकवादी गतिविधि कहा जाता है। आइये जानते है आतंकवादी गतिविधि से संबधित मुख्य बिंदु।
 

  • किसी भी अपराध को करने में किसी ऐसे हथियार का इस्तेमाल करना जो बहुत ही खतरनाक व घातक हथियार हो।
  • किसी अपराध को इस मंशा से करना जिससे लोगों में ड़र पैदा हो सकें।
  • किसी समूह को या सरकार को अपनी बात मनवाने के लिए धमकी देना।
  • अन्य देश से आए हुए लोगों को हथियार देकर या अन्य किसी तरीके से गलत कार्य में मदद करना भी आतंकवादी गतिविधि कहलाती है।

UAPA  ACT कब लागू होता है?

दोस्तों जैसा की हमने आपको बताया कि इस अधिनियम का उपयोग देश में होने वाली आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए किया जाता है। इस कानून के तहत भारतीय सरकार किसी भी समूह को आतंकवाद गतिविधि में शामिल पाये जाने पर आतंकी संगठन घोषित कर सकती है। यदि कोई व्यक्ति या समूह नीचे दी गई किसी भी गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उस पर इस कानून के तहत कार्यवाही की जाती है।

  • किसी भी आतंकवादी समूह की मदद करने पर।
  • आतंकवाद फैलाने के लिए लोगों को तैयार करने व उनकी मदद करने पर।
  • कोई भी गैर-कानूनी व हथियार से किसी की मदद करने पर।
  • किसी अन्य तरीके से आतंकवाद गतिविधि में शामिल पाए जाने पर।

जाने - NSA Act क्या है? इस अधिनियम में सजा और जमानत



UAPA Act में सजा कितनी होती है?

यूएपीए एक्ट की धारा 16a के अनुसार यदि कोई व्यक्ति आतंकी गतिविधि में शामिल पाया जाता है या किसी आतंकवादी गतिविधि के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। उस स्थिति में जो भी दोषी पाया जाता है। उसे आजीवन कारावास से लेकर मृत्यु दंड़ की सजा व जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।



यूएपीए एक्ट में जमानत का प्रावधान

यूएपीए एक्ट की धारा 43(D) (5) के अनुसार यदि पुलिस किसी व्यक्ति के खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज करती है तो उस व्यक्ति को जमानत मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह एक्ट गैर-जमानती होता है। इस तरह के मामलों में आरोपी को अग्रिम जमानत देने का भी प्रावधान नहीं होता है। इस कानून में जमानत तभी मिलती है जब कोर्ट को प्रारंभिक जांच में लगे कि आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।



यूएपीए अधिनियम के प्रावधान

  • इस कानून का इस्तेमाल पूरे भारत देश में लागू होता है।
  • यदि कोई भी भारतीय या विदेशी नागरिक इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है तो उन पर यूएपीए एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है।
  • इस कानून का मुख्य उद्देशय नक्सलवाद और आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
  • कोई भी ऐसी गतिविधि जिससे भारत की सुरक्षा और अखंड़ता को खतरा हो उस स्थिति में यूएपीए एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है।
  • यूएपीए एक्ट के तहत एंटीसिपेटरी बेल यानी अग्रिम जमानत पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • इस कानून के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सभी जरुरी अधिकार प्राप्त होते है। जिससे वो अपने कार्य को बिना किसी रुकावट के कर सकते है।   

यूएपीए कानून में संशोधन के बाद बदलाव

आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए बनाए गए यूएपीए अधिनियम में 2004, 2008 व 2019 में कुछ संशोधन किए गए है। जिसके तहत किसी व्यक्ति को शक के तहत भी आतंकी घोषित किया जा सकता है और उसकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। आइये जानते है ऐसे ही कुछ नए बदलाव के बारे में।

  1. संशोधन से पहले NIA को किसी व्यक्ति को पकड़ने या जांच करने के लिए राज्यों की पुलिस से अनुमति लेनी पड़ती थी। लेकिन संशोधन के बाद से एनआईए किसी भी राज्य में जाकर आतंकवादी गतिविधि में शामिल व्यक्ति को पकड़ सकती है।
  2. 2019 में हुए संशोधन के बाद से एनआईए को असीमित शक्तियाँ मिल गई है।
  3. यदि NIA की टीम को किसी व्यक्ति या समूह पर शक होता है तो तुरन्त उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर कार्यवाही कर सकती है।
  4. इस तरह के मामलों में अग्रिम जमानत व अन्य सभी जमानतों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


झूठे यूएपीए एक्ट के केस से बचने के लिए क्या करे

इस कानून से बचाव के लिए बस एक ही उपाय होता है कि किसी भी आतंकवादी गतिविधि में शामिल लोगों से दूर रहे। यदि आप के आस-पास कोई इस तरह का व्यक्ति रहता है। जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहता हो तो ऐसे व्यक्ति की सूचना तुरन्त पुलिस को दे।

यदि किसी व्यक्ति पर इस कानून के तहत कार्यवाही की जाती है। उस स्थिति में वो व्यक्ति कैसे भी इस कानून से नहीं बच सकता।

यदि कोई निर्दोष व्यक्ति ऐसे मामलों में फंस जाता है तो अपने बचाव के सभी सबूत जांच एजेंसी को या न्यायालय को दिखाए जो आपको इस केस से बचाने में मदद करेगा।

यूएपीए का यह कानून बहुत ही सख्त कानून माना जाता है। इसलिए हमेशा किसी भी आपराधिक गतिविधि से अपना बचाव करने के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों के बारे में जागरुक रहे व साथ ही अन्य लोगों को भी जागरुक करें।



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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


UAPA एक्ट कब लगाया जाता है?

जब कोई व्यक्ति या संगठन देशविरोधी गतिविधि में शामिल हो, आतंकी संगठन से जुड़ा हो या राष्ट्र की एकता को खतरा पैदा करे, तब उस पर UAPA लगाया जा सकता है।


क्या UAPA के केस में पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है?

हाँ, UAPA में पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तारी  के साथ मे लंबे समय तक हिरासत का अधिकार होता है।



क्या UAPA केवल आतंकवाद पर लागू होता है?

आम तौर पर हाँ, लेकिन यह किसी भी ऐसी गतिविधि पर भी लागू हो सकता है जो भारत की एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाती हो।



अगर किसी पर झूठा UAPA लग जाए तो क्या करें?

आप हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं और हमारे वकील से संपर्क कर कानूनी सलाह ले सकते हैं।