भारत में एनआरआई के खिलाफ केस कैसे करे : कानूनी कार्रवाई और शिकायत प्रक्रिया
आजकल लोग विदेश तो चले जाते हैं, लेकिन वहीं से अपने रिश्तेदारों या पत्नी के साथ गलत करते हैं। विदेश में रहने वाले कुछ लोग शादी के बाद पत्नी को छोड़ देते हैं, तो कुछ अपने घर वालों की ज़मीन-जायदाद हड़प लेते हैं। कई बार पैसे लेकर भाग जाते हैं और फिर भारत लौटते ही नहीं। ऐसे लोग सोचते हैं कि जब वे विदेश में है, तो कोई उनका क्या कर सकता हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं है। आप भारत में रह कर ही एनआरआई (अनिवासी भारतीय) के खिलाफ शादी, दहेज, घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी, संपत्ति विवाद या अन्य किसी आपराधिक मामले में कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। आज के लेख में हम आपको NRI के खिलाफ भारत में कार्यवाही करने के विषय पर जानकारी देंगे जैसे कि NRI के खिलाफ किन मामलों में कानूनी शिकायत की जा सकती है? भारत में एनआरआई के खिलाफ केस कैसे करे? विदेश में रहने वाले पति ने धोखा दिया हो तो क्या करें?
विषयसूची
- एनआरआई (अनिवासी भारतीय) कौन होता है?
- किन मामलों में NRI के खिलाफ भारत में केस किया जा सकता है?
- एनआरआई को भारत वापस बुलाने के लिए क्या कानूनी उपाय हैं?
- अगर शादी के बाद NRI पति ने धोखा दिया हो तो क्या करें?
- अगर एनआरआ पति विदेश में है तो समन और वारंट कैसे भेजा जाता है?
- प्रॉपर्टी विवाद में NRI के खिलाफ शिकायत व केस कैसे करें?
- Look out Circular (LOC) क्या होता है और इसे कैसे जारी कराया जाता है?
- दहेज या घरेलू हिंसा के मामले में एनआरआई पर कौन सी धारा लगती है
- शिकायत दर्ज कराने के लिए जरूरी दस्तावेज़
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एनआरआई (अनिवासी भारतीय) कौन होता है?
NRI का पूरा मतलब होता है "Non-Resident Indian" जिसे हिंदी में गैर-आवासी भारतीय या प्रवासी भारतीय भी कहते है। आसान शब्दों में समझें तो यह एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो भारतीय नागरिक तो होता है। लेकिन अब वह लंबे समय से विदेश में रह रहा होता है, जैसे नौकरी करने, पढ़ाई करने, व्यापार करने या हमेशा के लिए बसने के लिए तो उसे NRI कहा जाता है।
अगर कोई भारतीय नागरिक (India Citizen) साल में 183 दिन या उससे ज्यादा समय विदेश में बिताता है, तो वह भारत के कानून के अनुसार NRI माना जाता है।
किन मामलों में NRI के खिलाफ भारत में केस किया जा सकता है?
अगर कोई एनआरआई (विदेश में रहने वाला भारतीय) किसी भारतीय को धोखा देता है, परेशान करता है या उसका हक छीनता है, तो भारत में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नीचे कुछ ऐसे आम मामले दिए गए हैं जिनमें NRI के खिलाफ केस किया जा सकता है:
1. शादी करके छोड़ देना
अगर कोई विदेश में रहने वाला पति शादी के बाद पत्नी को बिना वजह छोड़ देता है, विदेश चला जाता है और फिर कोई संपर्क नहीं करता, तो यह एक गंभीर मामला होता है और उसके खिलाफ केस किया जा सकता है।
2. दहेज की मांग और घरेलू हिंसा
अगर एनआरआई पति या उसके परिवार वाले किसी महिला से दहेज (Dowry) मांगते हैं, मानसिक या शारीरिक रूप से तंग करते हैं, तो इसकी शिकायत भारत में दर्ज की जा सकती है।
3. शादी में झूठ बोलना
अगर एनआरआई व्यक्ति ने शादी से पहले झूठ बोला जैसे पहले से शादीशुदा होना, विदेश में नौकरी या वीजा की गलत जानकारी देना तो यह धोखाधड़ी (Fraud) मानी जाती है और केस बनता है।
4. जमीन या प्रॉपर्टी का झगड़ा
अगर कोई विदेश में रहने वाला भारतीय (NRI) भारत में अपने घरवालों की जमीन या मकान पर जबरदस्ती कब्जा कर लेता है या उन्हें नकली कागज (Fake Documents) बनवाकर बेच देता है, तो उसके खिलाफ प्रॉपर्टी केस किया जा सकता है।
5. पैसे की धोखाधड़ी
अगर एनआरआई व्यक्ति किसी रिश्तेदार या जानकार से विदेश में नौकरी, वीजा या निवेश के नाम पर पैसे लेकर धोखा देता है, तो भारत में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस हो सकता है।
6. बच्चों को लेकर भाग जाना
अगर पति-पत्नी में झगड़ा हो जाए और एनआरआई माता-पिता बच्चे को विदेश लेकर चला जाए, तो यह भी एक ऐसा मामला है जिसमें भारत में केस किया जा सकता है।
7. माता-पिता की देखभाल न करना
अगर कोई प्रवासी भारतीय (NRI) बेटा अपने बूढ़े माता-पिता की देखभाल नहीं करता, उन्हें तंग करता है या उनकी संपत्ति पर कब्जा करता है, तो इसके लिए भी भारत में मामला दर्ज किया जा सकता है।
एनआरआई को भारत वापस बुलाने के लिए क्या कानूनी उपाय हैं?
अगर किसी NRI ने शादी के बाद धोखा दिया हो, पत्नी को छोड़ दिया हो, या कोई गंभीर अपराध किया हो और अब वो विदेश में रह रहा है, तो उसे भारत बुलाना आसान नहीं होता है। लेकिन इसके लिए कुछ कानूनी तरीके हैं, जिनके ज़रिए भारत की अदालत और सरकारी एजेंसियां उसे वापस बुलाने की कोशिश कर सकती हैं।
- अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करवाना: अगर आरोपी बार-बार पुलिस या अदालत में पेश नहीं हो रहा, तो कोर्ट से गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी करवाया जा सकता है। इसके बाद उसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को भेजी जाती है।
- लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करवाना: LOC यानी Look Out Circular एक ऐसा आदेश होता है जो एयरपोर्ट पर आरोपी विदेश में भागने से रोकने के लिए जारी किया जाता है।
- पासपोर्ट रद्द करवाने की मांग: आप आरोपी के खिलाफ FIR के आधार पर विदेश मंत्रालय से उसका पासपोर्ट रद्द (Passport Cancel) करने की अर्जी (Application) दे सकते हैं। पासपोर्ट रद्द होने पर वह विदेश में फंस जाएगा और वीजा भी रिन्यू नहीं हो पाएगा।
- इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस (RCN): अगर आरोपी (Accused) बहुत समय से फरार है और विदेश में छिपा हुआ है, तो पुलिस इंटरपोल के ज़रिए Red Corner Notice जारी करवा सकती है। इससे वह व्यक्ति किसी भी देश में पकड़ा जा सकता है और भारत लाया जा सकता है।
- प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया: कुछ देशों के साथ भारत का समझौता है, जिसके ज़रिए वहां छिपे अपराधियों को भारत वापस लाया जा सकता है। इसे प्रत्यर्पण प्रक्रिया कहते हैं। यह लंबा और कानूनी तरीका है, लेकिन गंभीर मामलों में इसका इस्तेमाल होता है।
- कोर्ट में सम्पत्ति कुर्की की कार्यवाही: अगर आरोपी बार-बार पेश नहीं हो रहा तो अदालत उसके खिलाफ सम्पत्ति या मकान जब्त करने का आदेश भी दे सकती है। इससे उस व्यक्ति पर दबाव बनता है कि वह भारत लौटे।
अगर शादी के बाद NRI पति ने धोखा दिया हो तो क्या करें?
अगर आपकी शादी किसी विदेश में रहने वाले किसी भारतीय (NRI) आदमी से हुई है और शादी के बाद उसने आपको धोखा दिया है, तो घबराइए मत। ऐसे मामलों में आप भारत में रहकर भी पूरी कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। नीचे आपको एक-एक करके बताया गया है कि आपको क्या करना चाहिए:
- सबसे पहले सबूत संभालें: उसके फोन कॉल, चैट, ईमेल, शादी के फोटो, शादी का सर्टिफिकेट, टिकट, वीजा या जो भी दस्तावेज आपके पास हैं। उन सब को संभालकर रखें। ये सब बाद में आपके केस में काम आएंगे।
- नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाए: इसके बाद आप अपने इलाके के पुलिस स्टेशन में जाकर धोखाधड़ी, दहेज की मांग या छोड़कर भागने, गुजारे के पैसे ना देने, के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा सकती हैं।
- महिला आयोग या एनआरआई सेल से संपर्क करें: इसके अलावा आप राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) या विदेश मंत्रालय की NRI Cell में अपनी शिकायत (Complaint) भेज सकती हैं।
- अदालत में केस करें: अगर आपका पति विदेश चला गया है और वापस नहीं आ रहा, तो आप अदालत (Court) में केस दर्ज कर सकती हैं, जिसमें उसे भारत बुलाने के लिए समन, वारंट या लुकआउट नोटिस तक जारी करवाया जा सकता है।
- पासपोर्ट रद्द करवाने की मांग करें: अगर आपका पति आपको छोड़कर विदेश भाग गया है, तो ऐसे में आप उसके पासपोर्ट को रद्द करवाने के लिए विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) में आवेदन दे सकती हैं। इसके लिए आपको FIR और बाकी कागजात देने होंगे।
अगर एनआरआ पति विदेश में है तो समन और वारंट कैसे भेजा जाता है?
अगर किसी महिला का एनआरआईपति अपराध करने के बाद विदेश चला गया है और भारत की अदालत में पेश नहीं हो रहा, तो उसके खिलाफ समन और वारंट भेजने की प्रक्रिया इस तरह होती है:
- सबसे पहले केस दर्ज होने के बाद, अदालत आरोपी को पेश होने के लिए समन जारी करती है।
- पेश न होने पर अदालत गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करती है।
- फिर समन या वारंट की कॉपी विदेश मंत्रालय (MEA) को भेजी जाती है।
- मंत्रालय उसे संबंधित देश के भारतीय दूतावास के जरिए आरोपी तक भिजवाता है।
- फिर भी हाज़िर न हो तो Look Out Circular (LOC) और Red Corner Notice (RCN) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
प्रॉपर्टी विवाद में NRI के खिलाफ शिकायत व केस कैसे करें?
अगर कोई विदेश में रहने वाला भारतीय व्यक्ति आपकी जमीन, मकान या किसी संपत्ति को लेकर धोखा देता है, कब्जा करता है, या आपका हक मारने की कोशिश करता है, तो आप भारत में उसके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। नीचे बताया गया है कि आपको क्या करना चाहिए:
1. पहले सबूत इकट्ठा करें
जिस जमीन या मकान को लेकर झगड़ा है, उसके कागजात, म्युटेशन, रजिस्ट्री, और जो भी दस्तावेज़ आपके पास हैं, तो उन्हें अच्छी तरह संभाल लें। अगर एनआरआई व्यक्ति ने फर्जी कागज (Fake Documents) बनवाए हैं, तो उनकी प्रति (Copy) भी रखें।
2. अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें
आप अपने जिले या गांव के पुलिस थाने में जाकर उस एनआरआई व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत (Written complaint) दे सकते हैं। अपनी शिकायत में साफ-साफ लिखें कि उसने आपकी संपत्ति पर कब्जा किया है या हक मारने की कोशिश की है।
3. एसडीएम या तहसील कार्यालय में आवेदन दें
अगर जमीन से जुड़ा मामला है, तो आप अपने क्षेत्र के तहसीलदार या एसडीएम ऑफिस में जाकर आवेदन दे सकते हैं।
4. सिविल कोर्ट में केस दाखिल करें
अगर बात ज्यादा गंभीर है, जैसे कि कब्जा कर लिया गया हो या जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया है, तो आप अदालत में जाकर सिविल केस दाखिल कर सकते हैं। इसमें कोर्ट यह तय करता है कि असली मालिक कौन है और हक किसका बनता है।
5. वकील की सलाह लें
ऐसे मामलों में किसी अच्छे वकील से सलाह लेना बहुत जरूरी होता है। वह आपको बताएगा कि आपको पुलिस में रिपोर्ट करनी चाहिए, अदालत जाना चाहिए या राजस्व विभाग (Revenue Department) में आवेदन देना चाहिए।
Look out Circular (LOC) क्या होता है और इसे कैसे जारी कराया जाता है?
Look Out Circular (LOC) एक ऐसा सरकारी आदेश (Govt. Order) होता है, जो किसी व्यक्ति के विदेश भागने से पहले ही उसे एयरपोर्ट या बॉर्डर पर रोकने के लिए जारी किया जाता है।
यह क्यों जारी किया जाता है?
जब किसी व्यक्ति पर धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, प्रॉपर्टी विवाद या अन्य कोई गंभीर आरोप हो, और वह विदेश में रहता हो या भागने की कोशिश कर रहा हो, तब पुलिस या जांच एजेंसियां यह LOC जारी करवा सकती हैं ताकि उसे एयरपोर्ट पर ही रोका जा सके।
LOC कैसे जारी कराया जाता है?
1. सबसे पहले पुलिस में FIR होनी चाहिए
LOC तभी जारी होता है जब उस व्यक्ति के खिलाफ पहले से कोई FIR या मामला दर्ज हो। बिना FIR के LOC नहीं लगाया जा सकता।
2. पुलिस जांच के दौरान अगर खतरा लगे
अगर पुलिस को लगे कि आरोपी विदेश भाग सकता है, तो वह LOC की सिफारिश करती है।
3. पुलिस या जांच एजेंसी आवेदन भेजती है
पुलिस इस आवेदन को गृह मंत्रालय या इमिग्रेशन ब्यूरो के पास भेज देती है।
4. आवेदन मंजूर होने पर LOC जारी होता है
जैसे ही मंजूरी मिलती है, सभी एयरपोर्ट और इमिग्रेशन ऑफिस को यह सूचना भेज दी जाती है। फिर जैसे ही वह व्यक्ति देश छोड़ने की कोशिश करता है, उसे वहीं रोक लिया जाता है।
दहेज या घरेलू हिंसा के मामले में एनआरआई पर कौन सी धारा लगती है
अगर किसी औरत की शादी NRI आदमी से हुई है और शादी के बाद उसे तंग किया गया हो, मारा गया हो, या दहेज मांगा गया हो, तो उस पर भारत में सख्त केस किया जा सकता है। आइये जानते है, कि ऐसे मामलों में कौन सी धाराएं लगती हैं:
BNS Section 85 - दहेज उत्पीड़न
अगर पति या उसके घरवाले दहेज के लिए महिला को तंग करते हैं, मारते हैं या जान से मारने की धमकी देते हैं, तो उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 के तहत केस दर्ज होता है। यह गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें गिरफ्तारी हो सकती है और जमानत आसानी से नहीं मिलती।
घरेलू हिंसा - घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत
अगर किसी महिला की शादी विदेश में रहने वाले भारतीय व्यक्ति से हुई है और शादी के बाद उसे मानसिक, शारीरिक या आर्थिक रूप से तंग किया गया है, तो वह घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत भारत में मजिस्ट्रेट कोर्ट में केस दर्ज कर सकती है। इस कानून के तहत महिला को घर में रहने का अधिकार, भरण-पोषण, सुरक्षा, और पति से दूरी रखने का आदेश मिल सकता है।
इसके अलावा अगर अगर पति ने पहले से शादीशुदा होते हुए भी धोखे से दूसरी शादी की हो, तो उस पर धोखाधड़ी की धारा 356 भी लग सकती हैं।
शिकायत दर्ज कराने के लिए जरूरी दस्तावेज़
अगर आप विदेश में रहने वाले अपने पति के खिलाफ भारत में केस दर्ज करना चाहती हैं, तो ऐसे में कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता आपको पड़ सकती है, जो कि इस प्रकार है:
- शादी का प्रमाण (Marriage Certificate)
- पासपोर्ट की कॉपी (पति और पत्नी दोनों की)
- FIR का ड्राफ्ट या शिकायत पत्र
- हिंसा या उत्पीड़न से जुड़े सबूत (जैसे फोटो, मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग)
- चिकित्सक की रिपोर्ट (अगर चोट लगी हो)
- पहले की कोई शिकायत, मेल या कानूनी नोटिस
- पति का विदेश पता और संपर्क जानकारी
निष्कर्ष:- अगर आपकी शादी किसी ऐसे आदमी से हुई है जो विदेश में रहता है और उसने शादी के बाद आपको तंग किया, छोड़ दिया या ज़मीन-जायदाद को लेकर धोखा दिया तो चुप बैठने की ज़रूरत नहीं है। यदि आप NRI से जुड़ी किसी कानूनी परेशानी में फंसे हैं, और आपको समझ नहीं आ रहा कि क्या करें तो घबराएं नहीं। अभी नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और हमारे अनुभवी वकीलों से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भारत में रहकर एनआरआई पति के खिलाफ केस किया जा सकता है?
हाँ, महिला भारत में रहकर भी अपने NRI पति के खिलाफ दहेज, घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी या शादी से जुड़े मामलों में केस दर्ज कर सकती है।
विदेश में रहने वाले (NRI) पति का पासपोर्ट कैसे रद्द कराया जा सकता है?
FIR दर्ज होने के बाद पत्नी या पुलिस विदेश मंत्रालय को आवेदन देकर पासपोर्ट रद्द कराने की मांग कर सकते हैं, जिससे आरोपी विदेश में ही फंस जाए और उसे पकड़ा जा सके।
Red Corner Notice (RCN) क्या होता है?
अगर आरोपी बहुत समय से फरार है, तो इंटरपोल के ज़रिए Red Corner Notice जारी किया जाता है, जिससे वह किसी भी देश में पकड़ा जा सके।
क्या भारतीय कोर्ट का आदेश विदेश में लागू होता है?
भारतीय कोर्ट का आदेश सीधे हर देश में लागू नहीं होता, लेकिन अगर भारत और उस देश के बीच कानूनी समझौता है, तो उस देश की कोर्ट में अर्जी देकर उसे मान्य करवाया जा सकता है।