मैं नाबालिक लड़के अपहरण मुकदमा चाहता
सवाल
उत्तर (2)
जैसा कि आपने कहा आप नाबालिग लड़की के अपहरण का मुकदमा सीधा कोर्ट में करवाना चाहते हैं क्योंकि आपके शिकायत . थाने वालों ने अपने से मना कर दिया है इस स्थिति में आपको सीआरपीसी की धारा के तहत के तहत मुकदमा फाइल करना पड़ेगा इसके अंतर्गत कोर्ट इसके अनुसार मुकदमा कायम हो पाएगा . इस मुकदमे को करने के लिए आपको एक वकील की सहायता लेनी पड़ेगी उसके उपरांत ही आप इस तरह मुकदमा करवा सकते हैं
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- अगर कोई किसी भूमि पर सन् 1975 से झोपडी बना कर रह रहा और भूमिहीन है लेकिन उसका पुत्र वर्ष 2004 के बाद एक बिस्मिल+डेढ़ डिस्मिल की रजिस्ट्री द्वारा पट्टेदार बन गया फिर 2013 में पट्टेदार मृतक हो गया वारिसाना वारिसों के नाम नहीं हुआ है भूमि मृतक के नाम पर है और उक्त झोपडी का वास स्थान के तहत 3 डिस्मिल का पिता के रहते पुत्र जिसने एक+डेढ़=ढ़ाई डिस्मिल का रजिस्ट्री से पट्टेदार हो गया है एसडीएम से वर्ष 2015 में पटृटा करा लिया है और मृतक पट्टेदार के वारिस वारिसाना 2021-22 में कराने के बाद वास स्थान को कैंसिल करवाते हैं तो वास स्थान पर क्या असर पड़ेगा वास स्थान के तहत मिले पट्टे का संरक्षण कैसे किया जाएगा।
- मेरे पिताजी पाँच भाई थे। उनमें से एक बड़े चाचा की कोई संतान नहीं थी। परिवार में सभी भाइयों के बीच संपत्ति का बँटवारा हो चुका था। वर्ष 2006 में मेरे चाचा का निधन हो गया। अपने निधन से पहले उन्होंने अपनी संपत्ति और अपनी पत्नी, यानी मेरी बड़ी चाची की जिम्मेदारी मेरे पिताजी को सौंप दी थी। चाचा के निधन के बाद मेरी चाची ने अपनी पूरी जमीन मेरी माँ के नाम कर दी थी, लेकिन मकान अपने नाम पर ही रखा था। उन्होंने कोर्ट के माध्यम से एक वसीयत भी बनवाई थी, जिसमें लिखा था कि उनकी मृत्यु के बाद यह मकान मेरे पिताजी का हो जाएगा। लेकिन मेरे पिताजी का निधन वर्ष 2012 में ही हो गया, जबकि मेरी चाची का निधन वर्ष 2021 में हुआ। पिताजी के निधन के बाद मैंने अपनी माँ और चाची, दोनों को अपने पास रखा और लगभग 10–12 वर्षों तक शहर में किराए के मकान में उनके रहने, खाने-पीने, इलाज और अन्य सभी जरूरतों का ध्यान रखा। मैंने और मेरी पत्नी ने मिलकर चाची की पूरी सेवा की। हमारा पैतृक मकान हमारे गाँव में है। फिलहाल उस मकान में हम रहते हैं और बिजली का बिल भी मेरी माँ के नाम पर आता है। मेरी माँ अभी जीवित हैं। हम तीन भाई हैं और मैं स
- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h