क्या किसी व्यक्ति के पास दो अधिवास प्रमाण पत्र हो सकते हैं
सवाल
मेरा जन्म और पालन-पोषण हिमाचल प्रदेश में हुआ है, लेकिन वर्तमान में मैं पटना (बिहार) में रह रहा हूँ। मैं क्लैट परीक्षा देने वाला हूँ और चाहता हूँ कि मुझे अधिवास कोटे का लाभ मिले। क्या मैं अपनी सुविधा के लिए हिमाचल प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों से अधिवास प्रमाण पत्र बनवा सकता हूँ? क्या कानूनन एक साथ दो राज्यों का निवासी होना संभव है?
उत्तर (2)
नहीं, कानून के अनुसार एक व्यक्ति एक समय में केवल एक ही राज्य का अधिवास (Domicile) रख सकता है। भारत के संविधान और विभिन्न राज्यों के नियमों के तहत, एक व्यक्ति की केवल एक ही स्थायी कानूनी पहचान हो सकती है कि वह किस राज्य का मूल निवासी है। दो राज्यों से अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त करना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह एक कानूनी अपराध भी माना जा सकता है।
अधिवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) यह प्रमाणित करता है कि आप किसी विशेष राज्य के स्थायी निवासी हैं। चूंकि आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ इसी आधार पर मिलता है, इसलिए दो राज्यों से इसका लाभ उठाना 'धोखाधड़ी' (Fraud) की श्रेणी में आता है। यदि आप ऐसा करते हैं और भविष्य में इसकी जांच होती है, तो आपकी क्लैट (CLAT) की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है और आप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (धोखाधड़ी) और धारा 336 (जालसाजी) के तहत गलत जानकारी देकर सरकारी दस्तावेज बनवाना दंडनीय है। यदि आपने एक राज्य का प्रमाण पत्र रखते हुए दूसरे के लिए आवेदन किया और यह तथ्य छुपाया, तो इसे तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना (Misrepresentation of facts) माना जाएगा।
आपको यह तय करना होगा कि आप किस राज्य के कोटे का लाभ लेना चाहते हैं। यदि आप हिमाचल प्रदेश के मूल निवासी हैं और आपके पास वहां के स्थायी दस्तावेज हैं, तो आप वहां का लाभ ले सकते हैं। लेकिन यदि आप लंबे समय से बिहार में रह रहे हैं और वहां का प्रमाण पत्र बनवाते हैं, तो आपको हिमाचल का अधिकार छोड़ना होगा।
क्लैट (CLAT) जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) बहुत बारीकी से किया जाता है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि केवल उसी राज्य का अधिवास प्रमाण पत्र इस्तेमाल करें जहां के आप वास्तविक निवासी हैं और जहां की शर्तों (जैसे 10-15 साल का निवास) को आप पूरा करते हैं।
नहीं, आपके पास एक समय में एक से अधिक अधिवास प्रमाणपत्र नहीं हो सकते। इसे केवल एक राज्य में बनाया जा सकता है और एक से अधिक अधिवास प्रमाणपत्र प्राप्त करना अपराध है।
डोमिसाइल / रेजिडेंस सर्टिफिकेट यह साबित करने के लिए जारी किया जाता है कि सर्टिफिकेट देने वाला व्यक्ति उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का निवासी है जिसके द्वारा सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। अधिवास या निवासी कोटा प्राप्त करने के लिए निवास के प्रमाण के रूप में इस प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।
इसलिए, आपके मामले में आप दोनों राज्यों के लिए अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन दोनों के लिए नहीं।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
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