ऋण वसूली के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर करने की फीस कितनी है?


सवाल

मेरे एक दोस्त ने मुझसे बड़ी रकम उधार ली थी, और उसके बदले में ₹200 स्टाम्प पेपर पर एक इंदेमनिटी बॉन्ड (Indemnity Bond) लिखा था। अब वो पैसे वापस नहीं कर रहा है। क्या मैं उसके खिलाफ कोर्ट में केस कर सकता हूं? क्या यह बांड कानूनी रूप से ठीक है? ऋण वसूली के लिए प्रति लाख रुपये कोर्ट फीस कितनी है, सलाह दें।

उत्तर (3)


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जी हां, अगर आपके पास किसी दोस्त से पैसे उधार देने का लिखित सबूत है, जैसे कि इंदेमनिटी बांड या कोई एग्रीमेंट (agreement), तो आप कोर्ट में पैसे की वसूली के लिए केस (money recovery suit) फाइल कर सकते हैं।

कोर्ट फीस हर राज्य में अलग-अलग होती है क्योंकि ये राज्य सरकार का विषय है। उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक में अगर आपको ₹1 लाख की रकम की वसूली करनी है, तो कोर्ट फीस करीब ₹4,875 होती है। ये फीस स्लैब के हिसाब से बढ़ती है — जैसे अगर क्लेम अमाउंट ₹2.5 लाख से ज्यादा है तो फीस भी उसी हिसाब से बढ़ेगी।

299 votes

हाय प्रश्नकर्ता, हाँ आप केस दर्ज कर सकते हैं और राशि वसूल कर सकते हैं, अगर आपके पास सुरक्षा के रूप में चेक नहीं है तो आप केवल पैसे की वसूली के लिए मुकदमा दायर कर सकते हैं। अगर आपके पास चेक है तो अगर उक्त चेक बाउंस हो जाता है तो आप चेक अनादर का केस दर्ज कर सकते हैं, जहाँ कोई कोर्ट फीस नहीं है, हालाँकि पैसे की वसूली के लिए मुकदमे के मामले में देय कोर्ट फीस बकाया राशि पर लगभग 6% होगी। हालाँकि यह सलाह दी जाती है कि आप कानूनी नोटिस जारी कर सकते हैं और उसे समय दे सकते हैं, इसके बावजूद अगर वह विफल रहता है तो आप कानूनी रूप से आगे बढ़ सकते हैं। प्रताप, अधिवक्ता


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