अगर मकान मालिक 'पगड़ी' की बात न माने और घर खाली करने को कहे तो क्या करें


सवाल

मेरे माता-पिता 1989 से कल्याण में पगड़ी वाले घर में रह रहे हैं। हमने तब 60,000 रुपये पगड़ी दी थी, पर कोई लिखित एग्रीमेंट नहीं है, सिर्फ किराए की रसीदें हैं। अब मकान मालिक पगड़ी की बात से मना कर रहा है और हमें सिर्फ 60,000 देकर घर खाली करने को कह रहा है, जबकि आज उस घर की कीमत 15 लाख से ज्यादा है। वह हमें घर किसी और को ट्रांसफर (बेचने) भी नहीं करने दे रहा। हमारे पास क्या कानूनी विकल्प हैं?

उत्तर (3)


202 votes

पगड़ी प्रथा में किरायेदार के पास घर का मालिकाना हक तो नहीं होता, लेकिन उसके पास "हस्तांतरण योग्य किरायेदारी अधिकार" (Transferable Tenancy Rights) होते हैं। आपकी समस्या का समाधान नीचे दिया गया है:

  • किराए की रसीदें सबसे बड़ा सबूत: आपके पास 1989 से अब तक की जो किराए की रसीदें हैं, वे यह साबित करने के लिए काफी हैं कि आप वहां कानूनी किरायेदार हैं। महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम (Maharashtra Rent Control Act) के तहत, पुराने किरायेदार को बिना किसी ठोस वजह के घर से निकालना लगभग नामुमकिन है।

  • हस्तांतरण का अधिकार (Transfer Rights): कानून अब यह मानता है कि पगड़ी वाले घर में किरायेदार अपना हिस्सा किसी और को "बेच" (Transfer) सकता है। आमतौर पर इसमें मकान मालिक को भी हिस्सेदारी (जैसे 25-33%) देनी पड़ती है। अगर मकान मालिक इससे मना कर रहा है, तो आप कोर्ट जा सकते हैं।

  • लीगल नोटिस भेजें: सबसे पहले किसी वकील के जरिए मकान मालिक को एक सख्त लीगल नोटिस भेजें। उसमें साफ लिखें कि आप वहां सुरक्षित किरायेदार हैं और मकान मालिक आपको डरा-धमकाकर या कम पैसे देकर नहीं निकाल सकता।

  • कोर्ट से 'इंजंक्शन' (Stay) लें: अगर आपको डर है कि मकान मालिक जबरदस्ती घर खाली कराएगा या ताला तोड़ देगा, तो तुरंत सिविल कोर्ट में 'निषेधाज्ञा' (Injunction) के लिए अर्जी दें। कोर्ट मकान मालिक को आदेश देगा कि वह आपको वहां से न निकाले और न ही आपके रहने में कोई बाधा डाले।

  • किराया जमा करना जारी रखें: अगर मकान मालिक किराया लेने से मना कर दे, तो उसे 'मनी ऑर्डर' से भेजें। अगर वह फिर भी न ले, तो कोर्ट में अर्जी देकर किराया जमा करें। किराया न देना आपको कमजोर बना सकता है, इसलिए इसे कभी न रोकें।

मकान मालिक की 60,000 रुपये वाली बात को बिल्कुल न मानें। आप वहां के कानूनी किरायेदार हैं और उस घर की आज की बाजार कीमत में आपका बड़ा हिस्सा बनता है। आप कोर्ट से "किरायेदारी अधिकार" घोषित करने की मांग भी कर सकते हैं।

74 votes

नमस्ते, उसे तुरंत लीगल नोटिस भेजें। किराए की रसीदें आपकी संपत्ति के लिए बहुत अच्छे सबूत हैं जो आपके पास किरायेदारी के आधार पर है। आप अपने माता-पिता को उक्त संपत्ति के मासिक किराएदार घोषित करने के लिए महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत सक्षम अदालत में भी जा सकते हैं। धन्यवाद।

178 votes

प्रिय प्रश्नकर्ता मकान मालिक का इरादा दुर्भावनापूर्ण है। महाराष्ट्र नियंत्रण किराया अधिनियम अधिनियम में उल्लिखित क्षेत्रों में पूरे महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। आप एक किराए के परिसर को नहीं बेच सकते। मकान मालिक को किराया देना जारी रखें। यदि आपको लगता है कि आपके अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला जा रहा है तो न्यायालय में एक घोषणात्मक मुकदमा दायर करें


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