मां की मृत्यु के बाद बिना वसीयत संपत्ति अपने नाम कैसे करवाएं


सवाल

मेरी मां का तीन महीने पहले देहांत हो गया है और उन्होंने अपनी संपत्ति के लिए कोई वसीयत नहीं छोड़ी थी। मैं जानना चाहता हूं कि उनके नाम पर जो मकान और जमीन है, उसे हम वारिसों के नाम पर ट्रांसफर करवाने की कानूनी प्रक्रिया क्या है?

उत्तर (4)


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यह एक दुखद समय है, लेकिन संपत्ति को सुरक्षित करने के लिए आपका कदम उठाना सही है। चूंकि आप हिंदू हैं और आपकी मां का निधन बिना वसीयत (Intestate) लिखे हुआ है, इसलिए 'हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956' (Hindu Succession Act) लागू होगा। इस कानून की धारा 15 के अनुसार, मां की संपत्ति पर उनके बच्चों (बेटे और बेटियां) और पति का बराबर का अधिकार होता है।

संपत्ति को अपने नाम करवाने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. वारिसान प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate): सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के तहसीलदार या राजस्व विभाग (Revenue Department) से 'वारिसान प्रमाण पत्र' बनवाना होगा। यह सरकारी दस्तावेज साबित करता है कि आप, आपके भाई-बहन और आपके पिता ही मृतक के असली कानूनी वारिस हैं। इसके लिए आपको मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और एक शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा।

  2. हक त्याग विलेख (Relinquishment Deed): अगर आप चाहते हैं कि संपत्ति किसी एक व्यक्ति (जैसे सिर्फ आपके या पिता के) नाम पर हो, तो बाकी वारिसों को अपना हिस्सा छोड़ना होगा। इसके लिए उन्हें उप-पंजीयक (Sub-Registrar) के कार्यालय में जाकर एक 'हक त्याग विलेख' पंजीकृत (Register) करवाना होगा, जिसमें वे लिखित में देंगे कि वे स्वेच्छा से अपना अधिकार छोड़ रहे हैं। अगर सभी को हिस्सा चाहिए, तो इसकी जरूरत नहीं है।

  3. दाखिल खारिज (Mutation): अचल संपत्ति (मकान/जमीन) के लिए आपको कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है। वारिसान प्रमाण पत्र और (यदि हो तो) हक त्याग विलेख लेकर आप नगर निगम, नगरपालिका या पटवारी के पास जाएं। वहां 'दाखिल खारिज' या 'म्यूटेशन' के लिए आवेदन करें। सरकारी रिकॉर्ड में मां का नाम हटाकर सभी वारिसों का नाम चढ़ा दिया जाएगा।


अक्सर लोग गलती से 'उत्तराधिकार प्रमाण पत्र' (Succession Certificate) के लिए कोर्ट चले जाते हैं। याद रखें, कोर्ट से मिलने वाला उत्तराधिकार प्रमाण पत्र केवल बैंक खातों, शेयर और एफडी (चल संपत्ति) के लिए जरूरी होता है। जमीन-जायदाद (अचल संपत्ति) के लिए तहसीलदार द्वारा जारी वारिसान प्रमाण पत्र और म्यूटेशन ही पर्याप्त है, बशर्ते परिवार में कोई विवाद न हो।

208 votes

आप जहां रहते हैं, उसके आधार पर आपको उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या प्रशासनिक पत्र के लिए आवेदन करना होगा। आपको अपनी मां से संबंधित संपत्तियों के संबंध में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए जिला अदालत में आवेदन करना होगा।

259 votes

प्रिय प्रश्नकर्ता, यह जानना जरूरी है कि उसके नाम पर कौन-कौन सी संपत्तियां हैं। यदि केवल एक फ्लैट सोसायटी उसके नाम पर है तो सभी कानूनी उत्तराधिकारियों की सहमति शपथ पत्र जमा करके शेयरों के हस्तांतरण के लिए आवेदन करके सोसायटी से संपर्क करने का प्रयास करें। या फिर अगर जमीन / भूखंड है तो आपको सक्षम सिविल कोर्ट से प्रशासन के पत्र के लिए आवेदन करने की आवश्यकता है, अगर मुंबई में तो बॉम्बे हाई कोर्ट। प्रक्रिया में 6-8 महीने लगेंगे, उसके बाद संपत्तियों को कानूनी उत्तराधिकारियों को हस्तांतरित किया जा सकता है। किसी भी अन्य प्रश्न के लिए कृपया बेझिझक हमें कॉल करें। सादर, राकेश वी. मिसर

62 votes

यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसने संपत्ति किससे या कैसे अर्जित की। क्या यह पैतृक संपत्ति है या स्वयं अर्जित की है? प्रत्येक मामले के लिए अलग प्रावधान लागू है। आपको सभी विवरणों पर चर्चा करनी होगी तभी कोई भी इस पर अपनी राय व्यक्त कर सकता है।


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