क्या दादा की मृत्यु के बाद रजिस्टर्ड वसीयत को रद्द किया जा सकता है


सवाल

 मेरे दादाजी ने मेरे और मेरे चचेरे भाई के नाम एक पंजीकृत वसीयत की थी और अब उनका देहांत हो चुका है। हमने जमीन के नामांतरण के लिए आवेदन कर दिया है लेकिन मेरे ताऊजी इस वसीयत को तुड़वाना चाहते हैं। वे एक दबंग व्यक्ति हैं और वसीयत के गवाहों और हमें जान से मारने की धमकी देकर वसीयत रद्द करने का दबाव बना रहे हैं। मैं जानना चाहता हूं कि क्या पंजीकृत वसीयत को अब रद्द किया जा सकता है और हम अपनी सुरक्षा के लिए क्या करें?

उत्तर (2)


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जी नहीं, दादाजी की मृत्यु के बाद वसीयत को साधारण तरीके से रद्द नहीं किया जा सकता है। कानून के अनुसार, वसीयतकर्ता की मृत्यु होते ही वसीयत प्रभावी हो जाती है और उसे बदला या फाड़ा नहीं जा सकता। चूंकि यह एक 'पंजीकृत वसीयत' (Registered Will) है, इसलिए इसकी कानूनी मान्यता बहुत ज्यादा है और इसे झूठा साबित करना ताऊजी के लिए बेहद मुश्किल होगा।

आपके ताऊजी डरा-धमकाकर वसीयत रद्द नहीं करवा सकते। वसीयत को चुनौती देने का एकमात्र अधिकार 'सिविल न्यायालय' (Civil Court) के पास है। अगर ताऊजी को लगता है कि वसीयत गलत है, तो उन्हें कोर्ट में मुकदमा दायर करना होगा और यह साबित करना होगा कि दादाजी ने होश में वसीयत नहीं लिखी थी। जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, वसीयत मान्य रहेगी। इसलिए आप अपनी जमीन के 'दाखिल-खारिज' (Mutation) की प्रक्रिया जारी रखें।

जहां तक धमकियों का सवाल है, यह एक आपराधिक कृत्य है। आप तुरंत अपने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत दें। नई Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS की धारा 351 (जो पहले आईपीसी 506 थी) के तहत जान से मारने की धमकी देना एक गंभीर अपराध है।

आप कोर्ट से अपने और गवाहों के लिए 'पुलिस सुरक्षा' (Police Protection) की मांग भी कर सकते हैं। अगर गवाह डर रहे हैं, तो आप कोर्ट में उनका बयान जल्द दर्ज करवाने (Section 164 BNSS) का आवेदन भी दे सकते हैं ताकि बाद में वे मुकर न सकें।

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पंजीकृत वसीयत (वसियात) को केवल सक्षम दीवानी न्यायालय में निरस्तीकरण का नियमित वाद दाखिल कर निरस्त किया जा सकता है, निरस्त किये बिना संपत्ति पर किसी का अधिकार नहीं हो सकता। इसलिए आप वाद दायर करके अपनी वसीयत को रद्द नहीं करेंगे, जब तक आपकी वसीयत काम नहीं करेगी तब तक आपके ताऊ अपने उद्देश्य में सफल नहीं होंगे। आप थाने में शिकायत दर्ज कराकर अपने ताऊ के खिलाफ पुलिस की मदद ले सकते हैं।


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