बहू द्वारा अपमान और झूठे केस की धमकी देने पर कानूनी कार्रवाई
सवाल
उत्तर (4)
बुजुर्गों के साथ इस तरह का व्यवहार करना और उन्हें डराना-धमकाना कानूनन गलत है। सबसे पहले, आप 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम' के तहत जिला मजिस्ट्रेट या ट्रिब्यूनल में शिकायत कर सकते हैं। इस कानून के तहत अगर बहू या बेटा आपको परेशान करते हैं, तो कोर्ट उन्हें आपके घर से बाहर निकालने का आदेश दे सकता है ताकि आप शांति से रह सकें।
इसके अलावा, आप अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस स्टेशन में बहू के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। भारतीय न्याय संहिता के तहत किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और झूठे केस में फंसाने की धमकी देना अपराध है। आप पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग कर सकते हैं और अपनी शिकायत की एक कॉपी अपने पास जरूर रखें ताकि भविष्य में अगर वह कोई झूठा केस (False Case) करती है, तो आप अपनी बेगुनाही साबित कर सकें।
अगर घर में बहुत ज्यादा कलेश रहता है, तो आप कोर्ट से निषेधाज्ञा (Injunction) या सुरक्षा आदेश (Protection Order) भी मांग सकते हैं। इसके जरिए अदालत बहू को आपके साथ दुर्व्यवहार करने से रोक सकती है। यदि घर आपके या आपके पति के नाम पर है और बहू आपको वहां से निकालने की कोशिश करती है, तो आप उसे घर से बेदखल (Eviction) करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर सकते हैं।
घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (Domestic Violence Act) केवल बहू के लिए ही नहीं है, बल्कि इसके तहत बुजुर्ग महिलाएं (सास) भी अपनी बहू के खिलाफ शिकायत कर सकती हैं यदि उनके साथ घर में हिंसा या मानसिक प्रताड़ना हो रही हो। आपको डरने की जरूरत नहीं है, बस अपनी आपबीती को लिखित रूप में पुलिस या कोर्ट तक पहुँचाना जरूरी है।
सास अपने बेटे को अपनी पत्नी और परिवार के साथ घर से बाहर जाने के लिए कह सकती है और उसी उपाय के लिए अदालत जा सकती है। कानूनी तौर पर खाना बनाना और ससुराल का काम करना पत्नी का कानूनी कर्तव्य नहीं है। लेकिन यह भारत की संस्कृति में अपनाई जाने वाली एक प्रथा है और सद्भाव और प्रेम लाती है। और यह कि किसी को दूसरों की शांति और सद्भाव को भंग नहीं करना चाहिए। इसी तरह सास ससुर का कोई कानूनी कर्तव्य नहीं है कि वे अपने बेटे या बहू को घर में रखें जो उन्हें परेशान कर रहा हो, गालियां दे रहा हो या परेशान कर रहा हो, आप उक्त बहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पुलिस के साथ-साथ अदालत में वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे कुछ सबूत
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परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me