क्या शादी के 7 साल बाद भर सकते हैं दहेज का केस


सवाल

मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या शादी के सात साल बाद भी दहेज का केस दर्ज कराया जा सकता है? अगर सात साल के बाद ऐसा मामला दर्ज होता है, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं और कानून इस बारे में क्या कहता है?

उत्तर (3)


391 votes

हाँ, दहेज का केस शादी के सात साल बाद भी दर्ज कराया जा सकता है। कानून में इस बात की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है कि शादी के कितने साल बाद तक दहेज की शिकायत की जा सकती है। अगर शादी के दस या बीस साल बाद भी दहेज की मांग की जाती है या उसके लिए प्रताड़ित किया जाता है, तो पीड़ित महिला पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत, दहेज की मांग करना एक निरंतर चलने वाला अपराध माना जाता है। इसका मतलब है कि जब भी दहेज मांगा जाए या उसके लिए तंग किया जाए, तभी से कार्रवाई का आधार बन जाता है। हालांकि, सात साल की समय सीमा 'दहेज मृत्यु' (Dowry Death) के मामलों में बहुत महत्वपूर्ण होती है, जहाँ शादी के सात साल के भीतर महिला की संदिग्ध मौत होने पर कानून बहुत सख्त रुख अपनाता है।

यदि आप सात साल बाद केस दर्ज कराते हैं, तो अदालत यह जरूर देखती है कि शिकायत करने में इतनी देरी क्यों हुई। आपको यह साबित करना होगा कि दहेज की मांग हाल ही में की गई थी या आपको लगातार परेशान किया जा रहा था। अगर आपके पास दहेज मांगने के सबूत (जैसे कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज या गवाह) हैं, तो देरी से दर्ज मामले में भी सजा मिलने की पूरी संभावना रहती है।

झूठे दहेज केस से बचने के लिए यह जरूरी है कि आप अपने बचाव के सबूत तैयार रखें। अगर केस दर्ज होता है, तो सबसे पहले आपको अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन करना चाहिए। अदालत तथ्यों की जांच के बाद ही फैसला सुनाती है कि आरोप सही हैं या केवल परेशान करने के लिए लगाए गए हैं।

347 votes

दहेज की मांग की जाने पर दहेज का मामला दायर किया जा सकता है। शादी के बाद दहेज का मामला दर्ज करने की कोई सीमा नहीं है, इसे तब दायर किया जा सकता है जब इसकी मांग की जा सकती है, शादी के 50 साल बाद भी इसकी मांग की जा सकती है।

274 votes

आप मामला दायर कर सकते हैं, दहेज के मामलों के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, आजकल ये धाराएं आमतौर पर हर किसी के द्वारा उपयोग की जाती हैं, इसलिए मामले की गंभीरता बहुत कम है और 7 साल बाद दहेज का मामला खड़ा नहीं होता है, लेकिन क्रूरता होती है, यह आपके मामले पर निर्भर करता है।


अस्वीकरण: इस पृष्ठ का अनुवाद Google Translate की मदद से किया गया है। इसमें कुछ अंश या संपूर्ण अनुवादित लेख गलत हो सकता है क्योंकि सटीकता के लिए किसी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जो इस अनुवादित जानकारी पर निर्भर है, वह ऐसा अपने जोखिम पर करता है। LawRato.com अनुवादित जानकारी की सटीकता, विश्वसनीयता, अस्पष्टता, चूक या समयबद्धता पर निर्भरता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। अपने स्वयं के कानूनी मामले के लिए किसी भी निर्णय लेने के लिए अपने वकील से जांच और पुष्टि कर सुनिश्चित करें।

अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


भारत के अनुभवी तलाक वकीलों से सलाह पाए


तलाक कानून से संबंधित अन्य प्रश्न