2 लाख रुपये उधार दिए चेक बाउंस हो गया कोर्ट में कैसे शिकायत करें
सवाल
उत्तर (1)
आपने चेक बाउंस करवा कर और लीगल नोटिस भेजकर बिल्कुल सही कानूनी कदम उठाया है। कानून आपके पक्ष में है, बस आपको सही प्रक्रिया का पालन करना होगा।
चेक बाउंस का केस नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत उसी व्यक्ति के नाम से फाइल होता है, जिसका नाम चेक पर लिखा होता है। चूंकि पेमेंट आपके पिता के अकाउंट से गया है और आपके पास दो अलग-अलग चेक हैं (एक आपके नाम और एक पिता के नाम), इसलिए आपको कोर्ट में दोनों चेक पेश करने चाहिए। आपके पिता अपने नाम वाले चेक का केस करेंगे और आप अपने नाम वाले चेक का। दोनों केस एक साथ एक ही कोर्ट में सुने जा सकते हैं।
चूंकि उसने लीगल नोटिस मिलने के बाद आपको 10000 रुपये वापस दिए हैं, यह कोर्ट में इस बात का पक्का सबूत है कि वह आप पर अपनी देनदारी (Liability) मानता है। बाकी बचे पैसों के लिए कोर्ट उसे पूरी रकम ब्याज सहित लौटाने का आदेश दे सकता है, और पैसे न देने पर उसे 2 साल तक की जेल भी हो सकती है।
चेक बाउंस के केस में समय सीमा सबसे महत्वपूर्ण होती है। लीगल नोटिस में दिए गए 15 दिन का समय खत्म होने के बाद, अगले 30 दिन के भीतर ही आपको कोर्ट में केस (Complaint) फाइल करना होता है। मेरी सलाह है कि हमारे अनुभवी वकीलों से अभी सलाह ले और समय सीमा खत्म होने से पहले अपने दोनों चेक के आधार पर कोर्ट में मुकदमा दर्ज करवा दें।
अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में चैक बाउन्स वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।
चैक बाउन्स कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- 1. चेक बाउंस केस में अपने याचिका में प्रतिवादी क्या चेक राशि का दोगुना मूल्य की राशि मांग सकता है? 2. जिस मजिस्ट्रेट के कोर्ट में केस डाला गया है चाचिका के हेडिंग में उस कोर्ट का जगह के बजाय दूसरे कोर्ट वाली जगह का उल्लेख है तो क्या उसकी सुनवाई और फैसला मान्य है जैसे ब्लाक बिल्हा में केस चल रहा है किन्तु केस का हेडिंग बिलासपुर के नाम पर है। केस अपील के स्तर में चलायमान है तो कैसे खारिज होगा। इसमें मैं आरोपी हॅू।
- मैं डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश का निवासी हूं मैंने किस्त लोन एप्लीकेशन से 80000 का लोन लिया था जिसकी 8 एमी जमा कर दी थी चार एमी जमा नहीं कर पाया लगभग 550 दिन हो गए कंपनी ने कोर्ट केस u/c 25 payment settlement act किया है जिसकी 24 अगस्त कोलकाता कोर्ट में उपस्थित होना है लगभ 32000 का बच्चा है जिसे पेनल्टी सहित 70000 का कर दिया है कुछ सालों से मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण मैं कोलकाता जाने में स्मार्ट हूं और वर्तमान में 70000 का पेमेंट करने में असमर्थ हूं क्या करूं समस्या का निदान करिए मुझे पता है पेमेंट तो मुझे करना ही है अभी नहीं कर पाऊंगा
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- मुझे किसी व्यक्ति ने ₹400000 उधार लिए थे जिसके बदले में उसने स्टांप पर लिखा था कि अगर यह ₹4 लाख में नहीं लौट पाया तो 5 साल के लिए मेरी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान इन्हें चलाने के लिए और उसमें जो है वह दुकान किसी और की है जो कि इन्होंने पगड़ी पर ले रखी है अब कानून में उसके लिए क्या प्रावधान है दो चेक है दो-दो लाख के