फाइनेंस कंपनी का चेक बाउंस होने और कोर्ट से समन मिलने पर क्या करें
सवाल
उत्तर (1)
हाँ, जब चेक बाउंस होता है और कोर्ट से बुलावा (Summon) आता है, तो आपको इसे गंभीरता से लेना चाहिए। फाइनेंस कंपनियाँ आमतौर पर चेक बाउंस होने पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत केस दर्ज कराती हैं।
सबसे पहले, आपको कोर्ट द्वारा दी गई तारीख पर अपने वकील के साथ अदालत में हाजिर होना चाहिए। अगर आप कोर्ट नहीं जाते हैं, तो आपके खिलाफ वारंट (Warrant) जारी हो सकता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाएगी। कोर्ट में पेश होने के बाद आप जमानत (Bail) ले सकते हैं, जो इस तरह के मामलों में आसानी से मिल जाती है।
इस मामले को सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका 'समझौता' (Settlement) है। आप कोर्ट में जज के सामने यह प्रस्ताव रख सकते हैं कि आप कंपनी का पैसा चुकाना चाहते हैं। अक्सर ऐसी कंपनियां कोर्ट के बाहर समझौता करने के लिए तैयार हो जाती हैं। आप उनसे बात करके बकाया राशि को किस्तों में चुकाने का समय मांग सकते हैं या एकमुश्त पैसा देकर मामला रफा-दफा कर सकते हैं।
अगर आपको चेक बाउंस होने के बाद कंपनी की तरफ से कोई कानूनी नोटिस (Legal Notice) नहीं मिला था, तो आप इस आधार पर केस लड़ भी सकते हैं। कानून के अनुसार, केस करने से पहले कंपनी को आपको नोटिस भेजकर 15 दिन का समय देना जरूरी होता है। हालांकि, केस लड़ने में समय और पैसा दोनों ज्यादा खर्च होते हैं, इसलिए बातचीत से मामला सुलझाना ही समझदारी है।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
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- मैं डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश का निवासी हूं मैंने किस्त लोन एप्लीकेशन से 80000 का लोन लिया था जिसकी 8 एमी जमा कर दी थी चार एमी जमा नहीं कर पाया लगभग 550 दिन हो गए कंपनी ने कोर्ट केस u/c 25 payment settlement act किया है जिसकी 24 अगस्त कोलकाता कोर्ट में उपस्थित होना है लगभ 32000 का बच्चा है जिसे पेनल्टी सहित 70000 का कर दिया है कुछ सालों से मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण मैं कोलकाता जाने में स्मार्ट हूं और वर्तमान में 70000 का पेमेंट करने में असमर्थ हूं क्या करूं समस्या का निदान करिए मुझे पता है पेमेंट तो मुझे करना ही है अभी नहीं कर पाऊंगा
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