चेक बाउंस मामले में आरोपी के बरी होने पर अपील कहाँ और कैसे दर्ज करें
सवाल
उत्तर (3)
हाँ, यदि चेक बाउंस (Cheque Bounce) के मामले में निचली अदालत ने आरोपी को बरी (Acquittal) कर दिया है, तो आप उस फैसले के खिलाफ सीधे उच्च न्यायालय (High Court) में अपील दायर कर सकते हैं। कानून के अनुसार, चेक बाउंस के मामलों में बरी किए जाने के आदेश के खिलाफ अपील केवल उच्च न्यायालय में ही सुनी जाती है, न कि जिला या सत्र न्यायालय में।
उच्च न्यायालय में अपील दायर करने के लिए आपको सबसे पहले 'अपील करने की अनुमति' (Leave to Appeal) मांगनी होगी। पराक्रम्य लिखित अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है। एक बार जब उच्च न्यायालय आपको अपील करने की इजाजत दे देता है, तो आपके मामले की दोबारा सुनवाई शुरू होती है और कोर्ट सभी सबूतों और गवाहों के बयानों की फिर से समीक्षा करता है।
अपील दायर करने के लिए समय सीमा (Limitation Period) का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आमतौर पर, निचली अदालत के फैसले की तारीख से 60 दिनों के भीतर आपको उच्च न्यायालय में अपील दर्ज कर देनी चाहिए। यदि आप इस समय सीमा के बाद जाते हैं, तो आपको देरी के लिए ठोस कारण बताना होगा, जिसे कोर्ट अपनी मर्जी से स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है।
अपील के दौरान आपको यह साबित करना होगा कि निचली अदालत ने सबूतों को समझने में गलती की है या कानून के प्रावधानों को सही ढंग से लागू नहीं किया है। चूंकि आरोपी एक बार बरी हो चुका है, इसलिए उसकी बेगुनाही का पक्ष मजबूत हो जाता है, ऐसे में आपके पास ठोस कानूनी तर्क और सबूत होने चाहिए।
मेरी सलाह है कि आप तुरंत अपने वकील से संपर्क करें और निचली अदालत के फैसले की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) निकलवाएं। इसके बाद ही उच्च न्यायालय में अपील का आधार तैयार किया जा सकता है।
अस्वीकरण: इस पृष्ठ का अनुवाद Google Translate की मदद से किया गया है। इसमें कुछ अंश या संपूर्ण अनुवादित लेख गलत हो सकता है क्योंकि सटीकता के लिए किसी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जो इस अनुवादित जानकारी पर निर्भर है, वह ऐसा अपने जोखिम पर करता है। LawRato.com अनुवादित जानकारी की सटीकता, विश्वसनीयता, अस्पष्टता, चूक या समयबद्धता पर निर्भरता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। अपने स्वयं के कानूनी मामले के लिए किसी भी निर्णय लेने के लिए अपने वकील से जांच और पुष्टि कर सुनिश्चित करें।
अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
चैक बाउन्स कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- मैं डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश का निवासी हूं मैंने किस्त लोन एप्लीकेशन से 80000 का लोन लिया था जिसकी 8 एमी जमा कर दी थी चार एमी जमा नहीं कर पाया लगभग 550 दिन हो गए कंपनी ने कोर्ट केस u/c 25 payment settlement act किया है जिसकी 24 अगस्त कोलकाता कोर्ट में उपस्थित होना है लगभ 32000 का बच्चा है जिसे पेनल्टी सहित 70000 का कर दिया है कुछ सालों से मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण मैं कोलकाता जाने में स्मार्ट हूं और वर्तमान में 70000 का पेमेंट करने में असमर्थ हूं क्या करूं समस्या का निदान करिए मुझे पता है पेमेंट तो मुझे करना ही है अभी नहीं कर पाऊंगा
- मैं डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश का निवासी हूं मैंने किस्त लोन एप्लीकेशन से 80000 का लोन लिया था जिसकी 8 एमी जमा कर दी थी चार एमी जमा नहीं कर पाया लगभग 550 दिन हो गए कंपनी ने कोर्ट केस u/c 25 payment settlement act किया है जिसकी 24 अगस्त कोलकाता कोर्ट में उपस्थित होना है लगभ 32000 का बच्चा है जिसे पेनल्टी सहित 70000 का कर दिया है कुछ सालों से मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण मैं कोलकाता जाने में स्मार्ट हूं और वर्तमान में 70000 का पेमेंट करने में असमर्थ हूं क्या करूं समस्या का निदान करिए मुझे पता है पेमेंट तो मुझे करना ही है अभी नहीं कर पाऊंगा
- मुझे किसी व्यक्ति ने ₹400000 उधार लिए थे जिसके बदले में उसने स्टांप पर लिखा था कि अगर यह ₹4 लाख में नहीं लौट पाया तो 5 साल के लिए मेरी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान इन्हें चलाने के लिए और उसमें जो है वह दुकान किसी और की है जो कि इन्होंने पगड़ी पर ले रखी है अब कानून में उसके लिए क्या प्रावधान है दो चेक है दो-दो लाख के
- माझ्याकडे एक इंडो फाम ट्रॅक्टर होते दोन वर्षे वापले दोन हापते भरले तीसरा हापता आला तेव्हा माझी परिस्थिती हापता भरण्याची राहिली नाही माझी टोळी लेबर पळुन गेले तेव्हा मी स्वतः साहेब वसुली वाले यांना बालावुन ट्रॅक्टर दिले श्रीराम फायनान्स कंपनी यांनी मला कोणत्याही प्रकारची नोटीस किंवा विचारणा न करता वाहन विक्री केली व राहिलेले मुद्दल साठी चेक बाऊस केले व 138 ची नोटीस बजावली आहे