बिजली चोरी के झूठे आरोप और जुर्माने से बचने के कानूनी उपाय क्या हैं


सवाल

बिजली विभाग ने जनवरी 2019 में मेरे घर पर छापेमारी की और मीटर में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया जबकि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी और मैंने जल्दबाजी में कुछ कागजों पर हस्ताक्षर भी कर दिए थे मुझे संदेह है कि यह मेरे पड़ोसियों की साजिश है जिनके खिलाफ मैंने अवैध निर्माण की शिकायत की थी साथ ही उस मीटर में पहले आग भी लग चुकी है जिसकी मैंने कई बार शिकायत की थी अब मैं इस भारी जुर्माने और बिजली विभाग की इस मनमानी कार्यवाही से कानूनी रूप से कैसे निपट सकता हूँ।

उत्तर (2)


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हाँ, आप बिजली विभाग द्वारा लगाए गए इस जुर्माने को कानूनी रूप से चुनौती दे सकते हैं। सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि बिजली अधिनियम (Electricity Act) की धारा 135 के तहत चोरी का मामला बनाने के लिए विभाग को यह साबित करना होता है कि आपने जानबूझकर ऊर्जा की चोरी की है। चूंकि आपने पहले ही मीटर में आग लगने और तकनीकी खराबी की शिकायतें पीजी पोर्टल (PG Portal) के माध्यम से दर्ज कराई थीं, इसलिए ये शिकायतें आपके बचाव में सबसे बड़ा सबूत हैं।

आपको तुरंत बिजली उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (Consumer Grievance Redressal Forum - CGRF) या विद्युत लोकपाल (Electricity Ombudsman) के पास जाना चाहिए। वहाँ आप यह तर्क दे सकते हैं कि मीटर में छेड़छाड़ आपकी ओर से नहीं हुई थी, बल्कि यह पुरानी तकनीकी खराबी या किसी बाहरी व्यक्ति की शरारत का परिणाम हो सकती है। अदालत में 'दस्तावेजों पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर' करने की बात को भी चुनौती दी जा सकती है, यदि आप यह साबित कर सकें कि उन पर आपकी सहमति दबाव में ली गई थी।

भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 318 के अनुसार, यदि विभाग बिना ठोस सबूत के आप पर वित्तीय बोझ डालता है, तो आप इसे सेवा में कमी (Deficiency in Service) मानकर उपभोक्ता न्यायालय (Consumer Court) में भी जा सकते हैं। उपभोक्ता न्यायालय उस 1 लाख रुपये के मांग नोटिस (Demand Notice) पर रोक (Stay) लगा सकता है और बिजली विभाग को मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच करने का आदेश दे सकता है।

पड़ोसियों के साथ आपके पुराने विवाद और एमसीडी (MCD) में की गई शिकायतों का रिकॉर्ड भी पेश करें, जिससे यह साबित हो सके कि आपको फंसाने की साजिश रची गई है। बिजली विभाग अक्सर अपनी तकनीकी विफलताओं को छिपाने के लिए उपभोक्ताओं पर चोरी का आरोप मढ़ देता है। आपके पास मौजूद शिकायतों के स्क्रीनशॉट और पावती (Acknowledgement) यह साबित करेंगे कि आप एक जिम्मेदार उपभोक्ता हैं जिसने समस्या होने पर विभाग को पहले ही सूचित किया था।

111 votes

आपको तुरंत उपभोक्ता फोरम में जाना होगा और उस डिमांड नोटिस की विफलता पर रोक लगानी होगी, जिससे वे आपके खिलाफ वसूली की कार्यवाही शुरू कर देंगे। बिजली विभाग अपनी गलती के चलते इस तरह के डिमांड नोटिस जारी करता है और इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डालता है। आपके पास अपना मामला साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।


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