कोचिंग सेंटर पर धोखाधड़ी का केस कैसे दर्ज करें


सवाल

मैंने हैदराबाद के एक संस्थान में प्रवेश लिया था, लेकिन उन्होंने न तो पाठ्यक्रम पूरा किया और न ही मेरी फीस वापस की। उल्टा उन्होंने और उनके स्टाफ ने मेरे और मेरे भाई के साथ फोन पर बहुत ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और हमें मानसिक रूप से परेशान किया। अब मैं अपनी फीस वापस पाने और उनके इस व्यवहार के लिए कानूनी सबक सिखाने के लिए क्या कर सकता हूँ?

उत्तर (4)


408 votes

कोचिंग संस्थान द्वारा कोर्स पूरा न करना और फीस वापस न करना 'सेवा में कमी' की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही फोन पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना एक आपराधिक कृत्य है। आप इन दोनों मामलों में अलग-अलग कानूनी कदम उठा सकते हैं।

सबसे पहले आपको संस्थान को एक औपचारिक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेजना चाहिए। इस नोटिस में अपनी फीस की वापसी, मानसिक प्रताड़ना के लिए हर्जाना और माफी की मांग करें। अक्सर कानूनी नोटिस मिलने के बाद संस्थान मामले को सुलझाने के लिए तैयार हो जाते हैं। यदि वे नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो आप जिला उपभोक्ता आयोग (District Consumer Commission) में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। चूंकि आपकी फीस और हर्जाने की राशि सीमित होगी, इसलिए उपभोक्ता अदालत में यह मामला तेजी से सुलझ सकता है।

जहाँ तक अभद्र भाषा और फोन पर दी गई धमकियों का सवाल है, यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 और धारा 352 के तहत एक अपराध है। आप अपने पास मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करते हुए नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस अभद्र भाषा और मानसिक प्रताड़ना के लिए संस्थान के संचालकों को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

इसके अलावा, आप 'ई-दाखिल' पोर्टल के जरिए ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। अपनी शिकायत के साथ फीस की रसीद, संस्थान का ब्रोशर (Brochure) और कॉल रिकॉर्डिंग की कॉपी जरूर लगाएं। यदि संस्थान किसी यूनिवर्सिटी या सरकारी विभाग से मान्यता प्राप्त है, तो आप उस विभाग के उच्च अधिकारियों को भी इसकी लिखित जानकारी दे सकते हैं।

धैर्य रखें और सभी डिजिटल सबूतों को संभाल कर रखें, क्योंकि उपभोक्ता मामलों में लिखित और डिजिटल साक्ष्य बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

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हेलो सर/मैडम, कृपया जिला फोरम में एक उपभोक्ता शिकायत मामला दर्ज करें, और उससे पहले कृपया एक कानूनी नोटिस दें जिसमें आपने मानसिक पीड़ा के लिए हर्जाने के साथ भुगतान की गई राशि की मांग की हो।

174 votes

प्रिय ग्राहक, आपके बयान के आधार पर, मैं समझता हूं कि यह संस्थान और आपके बीच परस्पर विरोधी समस्या है और आप निश्चित रूप से प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दायर करने के लिए जा सकते हैं जब आपके पास उपरोक्त सभी का वैध प्रमाण हो और साथ ही आप आपको अपने कुछ कोचिंग साथियों को लाना होगा, जिन्होंने आपके साथ सिलेबस पूरा न होने और सभी दस्तावेजों के साथ कोई रिफंड शुल्क नहीं लेने और शुल्क रसीद आदि के बारे में एक ही समस्या का सामना किया था।

234 votes

सबसे पहले लीगल नोटिस जारी करें, अगर कॉलेज प्रबंधन कानूनी नोटिस का पालन नहीं करता है तो आप मानसिक पीड़ा और दुर्व्यवहार के मुआवजे के साथ शुल्क वापस करने के लिए उनके खिलाफ एक उपभोक्ता मामला दर्ज कर सकते हैं।


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