क्या कोर्ट में केस पेंडिंग होने पर मुझे सरकारी नौकरी मिल सकती है?


सवाल

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक केस (Criminal Case) कोर्ट में चल रहा है और वह जमानत (Bail) पर है, तो क्या वह सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई कर सकता है? मेरा सवाल यह है कि क्या मैं केस के दौरान ही नई सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकता हूँ, या मुझे फ़ैसले का इंतज़ार करना होगा?

उत्तर (4)


170 votes

भारत में सरकारी नौकरी से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया में "चरित्र सत्यापन" (Character Verification) बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके खिलाफ गंभीर आपराधिक केस जैसे - BNS Section 117 (किसी को गंभीर चोट पहुँचाना) दर्ज है और मामला अभी ट्रायल में चल रहा है, तो यह आपके लिए नौकरी पाना बहुत मुश्किल होगा।

अगर आपके खिलाफ केस फर्जी (जूठा) है और आप बाद में बरी (Acquitted) हो जाते हैं, तो आपको नौकरी मिल सकती है।

लेकिन जब तक केस पेंडिंग है, संबधित विभाग आपके अपॉइंटमेंट (Appointment) को रोक सकता है या जॉइनिंग स्थगित कर सकता है।

कुछ मामलों में, उम्मीदवार को नौकरी मिल जाती है लेकिन केस का अंतिम फैसला आने तक वह प्रोबेशन (Probation) पर या सस्पेंशन (Suspension) में रह सकता है।

जब आप नौकरी के लिए आवेदन पत्र भरते हैं, तो उसमें आपको अपने ख़िलाफ़ चल रहे आपराधिक मामले की पूरी जानकारी देनी होगी। अगर आप अपने खिलाफ मुक़दमे से जुडी जानकारी छुपाते हैं और बाद में सरकारी विभाग को इस बारे में पता चलता है (जो पुलिस वेरिफिकेशन में पता चल ही जाएगा), तो आपकी उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी, और अगर आपको नौकरी मिल भी गई है, तो आपको सेवा से निलंबित या बर्ख़ास्त (dismissed) किया जा सकता है।

277 votes

आपके प्रश्न के अनुसार, सरकार आपको नौकरी देने से पहले संभावित आवेदक का चरित्र प्रमाण पत्र मांगती है। चरित्र प्रमाण पत्र संबंधित व्यक्ति के आपराधिक रिकॉर्ड को देखने के बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन द्वारा जारी किया जाता है। आपके मामले में यदि मामला लंबित है, तो सरकारी नौकरी प्राप्त करने में कुछ समस्या हो सकती है। सम्मान

325 votes

क्या आपने अपने नियोक्ता को इसका खुलासा किया है? यदि नहीं, तो क्या आपके पास सरकारी फॉर्म में प्रासंगिक प्रश्न पर हाँ चुनने का विकल्प था? आप भाग्यशाली हैं कि आपको यह नौकरी मिली है क्योंकि आपके मामले की स्थिति विचाराधीन है। जैसे ही मामले का फैसला आपके खिलाफ होता है तो आपका नियोक्ता आपसे इसके लिए स्पष्टीकरण मांग सकता है। चिंता न करें अगर आप किसी भी तरह अपनी नौकरी चाहते हैं तो लगभग सभी जिलों में स्कूल ट्रिब्यूनल, राज्य प्रशासनिक ट्रिब्यूनल हैं जहां आप नियोक्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं।


अस्वीकरण: इस पृष्ठ का अनुवाद Google Translate की मदद से किया गया है। इसमें कुछ अंश या संपूर्ण अनुवादित लेख गलत हो सकता है क्योंकि सटीकता के लिए किसी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जो इस अनुवादित जानकारी पर निर्भर है, वह ऐसा अपने जोखिम पर करता है। LawRato.com अनुवादित जानकारी की सटीकता, विश्वसनीयता, अस्पष्टता, चूक या समयबद्धता पर निर्भरता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। अपने स्वयं के कानूनी मामले के लिए किसी भी निर्णय लेने के लिए अपने वकील से जांच और पुष्टि कर सुनिश्चित करें।

अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


भारत के अनुभवी अपराधिक वकीलों से सलाह पाए


अपराधिक कानून से संबंधित अन्य प्रश्न