आईपीसी की धारा 420 के तहत चार्जशीट दाखिल करने की समय सीमा


सवाल

मैं जानना चाहता हूँ कि भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दर्ज किसी मामले में पुलिस को जांच पूरी करके अदालत में चार्जशीट (Charge Sheet) दाखिल करने के लिए कानूनन कितनी समय सीमा मिलती है?

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भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 के तहत किए गए अपराध के लिए पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने की समय सीमा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 167(2) द्वारा निर्धारित की जाती है।

चूंकि 'भारतीय न्याय संहिता' (Bharatiya Nyaya Sanhita) अब प्रभावी हो चुकी है, यह नया कानून समय सीमा को इस प्रकार निर्धारित करता है:

  1. अपराध की गंभीरता के आधार पर समय सीमा:

    • 90 दिन की सीमा: यह उन मामलों पर लागू होती है जहाँ अपराध में मृत्युदंड, आजीवन कारावास (Life Imprisonment), या 10 वर्ष से अधिक के कारावास की सज़ा का प्रावधान होता है।

    • 60 दिन की सीमा: यह उन मामलों पर लागू होती है जहाँ अपराध में 10 वर्ष से कम के कारावास की सज़ा का प्रावधान होता है।

  2. धारा 420 (अब BNS की धारा 318) पर लागू सीमा: पहले IPC की धारा 420 के तहत अधिकतम सज़ा 7 वर्ष का कारावास थी। इसलिए, यह 10 वर्ष से कम की सज़ा वाला अपराध था और इस पर 60 दिन की समय सीमा लागू होती थी।

    हालाँकि, नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 के तहत भी इस अपराध के लिए अधिकतम सज़ा 7 वर्ष ही है।

    इसलिए, अगर किसी व्यक्ति को केवल धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, तो पुलिस को गिरफ्तार करने की तारीख से 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होगी।

यदि पुलिस 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं करती है, तो आरोपी को 'डिफ़ॉल्ट ज़मानत' (Default Bail) पर रिहा होने का कानूनी अधिकार मिल जाता है, भले ही अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो।


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