भारत में पैसो की धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज कैसे करें?


सवाल

मेरे दोस्त के साथ 70 लाख की धोखाधड़ी हुई है। जिसने धोखा दिया वो एक मंदिर का पुजारी था और हमारा दोस्त भी थे। उनके ज़्यादातर लेन-देन सीधे बैंक से हुए हैं और हमारे पास सभी ट्रांजैक्शन के सबूत (बैंक स्टेटमेंट, टिकट और होटल बुकिंग) हैं। हमने जब पैसे वापस माँगे वो व्यक्ति भाग गया और अब फोन भी नहीं उठा रहा। हमारे पास उसके परिवार और पते की जानकारी है। क्या हम FIR दर्ज कर सकते हैं और पैसे की रिकवरी कर सकते हैं?

उत्तर (1)


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अगर किसी ने आपसे पैसे लेकर धोखा किया है और पैसे वापिस नहीं कर रहा है, तो यह गंभीर आपराधिक मामला है और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (Cheating) और धारा 316 (Criminal Breach of Trust) के अंतर्गत आता है। ऐसे केस में सबसे पहले आपको नज़दीकी पुलिस स्टेशन में जाकर पूरी घटना की जानकारी और सबूतों (बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, टिकट या होटल बुकिंग) के साथ FIR दर्ज करनी चाहिए। अगर पुलिस FIR दर्ज करने से मना करती है, तो आप सीधे मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दाखिल कर सकते हैं।

इसके साथ ही, आप कानूनी तरीके से उसे लीगल नोटिस भेज सकते हैं, जिसमें पैसे की वापसी की मांग की जाती है। अगर वह नोटिस का जवाब नहीं देता, तो आप सिविल कोर्ट में Recovery Suit दाखिल कर सकते हैं जिसके बाद कोर्ट आपके पैसे वसूली में मदद करेगा।

इस तरह के केस में समय और प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है, लेकिन आपके पास मजबूत सबूत (बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड) हैं, इसलिए आरोपी के खिलाफ आपराधिक और सिविल - दोनों तरह की कार्यवाही करके आप अपने पैसे की रिकवरी आसानी से कर सकते है।


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