परिवार वाले मानसिक तौर से परेशान कर रहे हैं क्या करूं
सवाल
उत्तर (2)
हाँ, मंजीत जी, आप अपने चाचा के लड़कों द्वारा किए जा रहे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं। भले ही जमीन के बंटवारे का दीवानी मुकदमा (Civil Case) चल रहा हो, लेकिन किसी को भी आपको डराने-धमकाने या प्रताड़ित करने का कानूनी अधिकार नहीं है।
चूंकि आप और आपकी माँ एक ही घर (Shared Household) में रह रहे हैं, इसलिए आपकी माता जी 'घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम' (Domestic Violence Act) के तहत कोर्ट में आवेदन कर सकती हैं। इस कानून के तहत आपकी माँ को उसी घर में शांति से रहने का अधिकार (Right to Reside) और सुरक्षा का आदेश (Protection Order) मिल सकता है। कोर्ट आपके चाचा के लड़कों को आदेश दे सकता है कि वे आपको किसी भी तरह से परेशान न करें।
इसके अलावा, आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
-
पुलिस शिकायत: यदि वे आपको डराते या धमकाते हैं, तो आप तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 352 (शांति भंग करना) के तहत शिकायत दर्ज कराएं। आप अपनी सुरक्षा के लिए 112 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं।
-
मजिस्ट्रेट को आवेदन: आप उप-जिलाधिकारी (SDM) के पास धारा 126 (पुरानी धारा 107/116 CrPC) के तहत आवेदन दे सकते हैं। एसडीएम दूसरे पक्ष को शांति बनाए रखने के लिए पाबंद (Bound Over) कर सकते हैं, जिससे उनके जेल जाने का डर बना रहता है।
-
बंटवारे के केस में अंतरिम आदेश: जो जमीन का केस चल रहा है, उसमें अपने वकील के माध्यम से 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने का आवेदन दें, ताकि वे जमीन या घर के किसी हिस्से के साथ छेड़छाड़ न कर सकें।
चूंकि आपके पिता लखनऊ में हैं, आप वहां के जिला सैनिक बोर्ड से भी संपर्क कर सकते हैं। पूर्व सैनिकों के परिवारों की सहायता के लिए कई बार विशेष निर्देश जारी किए जाते हैं। आपको डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके सरकारी सेवा में होने का मतलब यह नहीं है कि वे कानून से ऊपर हैं।
है कि आप की बताई गई समस्या को दूर करने के लिए कई तरीके से कानूनी कार्रवाई आप कर सकते हैं आप संबंधित थाने में शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं एवं आपकी माता द्वारा भी घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है कृपया यह जानकारी देवें की प्रकरण किस विवाद के संबंध में चल रहा है एवं उक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरांत ही सही सलाह आपको दी जावेगी कृपया विस्तृत रूप से चर्चा करने के लिए संपर्क करें
अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में सिविल वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।
सिविल कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- Sir mera naam manish maurya hai mera ghr kasera toli me hai mera ek dukan h aur mere dukan ke samne ek aur dukan hai waha ek bagal ka ladka rhta h jaat ka chauhan hai aur wo unke dukan pe rhta hai aur hamesa kuchh n kuchh tarike se preshan krta h gutkhaa khake thuk deta hai gaali deta h hamesa preshan krta hai
- आकस्मिक निरीक्षण के दौरान वैक्सीन एक्सपायर मिलने पर तथा एक रजिस्टर अधूरा मिलने पर एक साल की असंचयी वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई है उसके संबंध में रोकी गई वेतन वृद्धि को वापिस सुचारू करवाने के लिए कानूनी उपाय बताए
- मेरे खिलाफ एक आदमी ने धारा 109 (1) बीएनएस का झूठा अभियोग लिखा दिया है। पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। अब उसके खिलाफ धारा 248 ख बीएनएस का मुकदमा कैसे दर्ज कराए। क्या यह मुकदमा थाना पर दर्ज होगा या कोई अन्य प्रक्रिया है।
- सर में ही जानना चाहता हूं कर दिए हैं उसमें है डोमेस्टिक वायलेंस 498 ए और 316 मेरी पत्नी के पास पहले से बच्चा था जो हमारी शादी हुई थी तो उसमें इस चीज का जिक्र नहीं था कि मैं बच्चों को हर महीने ₹2000 दूं या बच्चे का खर्चा उठाओ अब मुझे क्या करना चाहिए तीन बार झूठी कंप्लेंट कर चुकी है जिसमें मेरे परिवार और नाम बार-बार लिखा जाता है