परिवार वाले मानसिक तौर से परेशान कर रहे हैं क्या करूं


सवाल

सर, मेरा नाम मंजीत है। मेरे पिता पूर्व सेना अधिकारी हैं और लखनऊ में रहते हैं, जबकि मैं गाँव में अपनी माँ के साथ रहता हूँ। हमारे चाचा के लड़के सरकारी नौकरी में हैं और जमीन के बंटवारे का केस चल रहा है। वे लोग हमें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते हैं। एक ही घर में रहते हुए उनके इस बर्ताव के खिलाफ मैं क्या कानूनी कार्यवाही कर सकता हूँ?

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हाँ, मंजीत जी, आप अपने चाचा के लड़कों द्वारा किए जा रहे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं। भले ही जमीन के बंटवारे का दीवानी मुकदमा (Civil Case) चल रहा हो, लेकिन किसी को भी आपको डराने-धमकाने या प्रताड़ित करने का कानूनी अधिकार नहीं है।

चूंकि आप और आपकी माँ एक ही घर (Shared Household) में रह रहे हैं, इसलिए आपकी माता जी 'घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम' (Domestic Violence Act) के तहत कोर्ट में आवेदन कर सकती हैं। इस कानून के तहत आपकी माँ को उसी घर में शांति से रहने का अधिकार (Right to Reside) और सुरक्षा का आदेश (Protection Order) मिल सकता है। कोर्ट आपके चाचा के लड़कों को आदेश दे सकता है कि वे आपको किसी भी तरह से परेशान न करें।

इसके अलावा, आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  1. पुलिस शिकायत: यदि वे आपको डराते या धमकाते हैं, तो आप तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 352 (शांति भंग करना) के तहत शिकायत दर्ज कराएं। आप अपनी सुरक्षा के लिए 112 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं।

  2. मजिस्ट्रेट को आवेदन: आप उप-जिलाधिकारी (SDM) के पास धारा 126 (पुरानी धारा 107/116 CrPC) के तहत आवेदन दे सकते हैं। एसडीएम दूसरे पक्ष को शांति बनाए रखने के लिए पाबंद (Bound Over) कर सकते हैं, जिससे उनके जेल जाने का डर बना रहता है।

  3. बंटवारे के केस में अंतरिम आदेश: जो जमीन का केस चल रहा है, उसमें अपने वकील के माध्यम से 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने का आवेदन दें, ताकि वे जमीन या घर के किसी हिस्से के साथ छेड़छाड़ न कर सकें।

चूंकि आपके पिता लखनऊ में हैं, आप वहां के जिला सैनिक बोर्ड से भी संपर्क कर सकते हैं। पूर्व सैनिकों के परिवारों की सहायता के लिए कई बार विशेष निर्देश जारी किए जाते हैं। आपको डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके सरकारी सेवा में होने का मतलब यह नहीं है कि वे कानून से ऊपर हैं।

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है कि आप की बताई गई समस्या को दूर करने के लिए कई तरीके से कानूनी कार्रवाई आप कर सकते हैं आप संबंधित थाने में शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं एवं आपकी माता द्वारा भी घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है कृपया यह जानकारी देवें की प्रकरण किस विवाद के संबंध में चल रहा है एवं उक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरांत ही सही सलाह आपको दी जावेगी कृपया विस्तृत रूप से चर्चा करने के लिए संपर्क करें


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