धोखे से करवाई गई जमीन की रजिस्ट्री रद्द कैसे करवाएं
सवाल
उत्तर (2)
जी हां, अगर रजिस्ट्री धोखे या दबाव में करवाई गई है, तो कानून आपको इसे रद्द करवाने का पूरा अधिकार देता है। इसके लिए आपको 'सिविल न्यायालय' (Civil Court) में 'विलेख रद्दीकरण का वाद' (Suit for Cancellation of Sale Deed) दायर करना होगा।
'विशिष्ट अनुतोष अधिनियम' (Specific Relief Act) की धारा 31 के तहत, अगर कोर्ट को यह सबूत मिल जाता है कि रजिस्ट्री धोखाधड़ी से करवाई गई थी और इससे आपको नुकसान हो सकता है, तो कोर्ट उस रजिस्ट्री को 'शून्य' (Void) घोषित कर सकता है। चूंकि आप पैसे लौटाने को तैयार हैं, तो यह आपके पक्ष को और मजबूत करता है क्योंकि कानून के अनुसार सौदा रद्द होने पर लिया गया लाभ (पैसा) वापस करना होता है।
इसके साथ ही, धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आप पुलिस में आपराधिक मामला भी दर्ज करवा सकते हैं। नई 'भारतीय न्याय संहिता' (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 318 (जो पहले आईपीसी 420 थी) के तहत जालसाजी और धोखाधड़ी के लिए एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है।
ध्यान रहे कि रजिस्ट्री रद्द करवाने के लिए मुकदमा दायर करने की एक समय सीमा होती है। आमतौर पर धोखाधड़ी का पता चलने की तारीख से 3 साल के भीतर आपको कोर्ट में केस करना होता है। इसलिए, बिना देरी किए किसी अच्छे 'संपत्ति वकील' (Property Lawyer) से मिलें और कोर्ट से 'स्थगन आदेश' (Stay Order) मांगें ताकि वह व्यक्ति जमीन को आगे न बेच सके।
ऐसी स्थिति में आप उस विक्रय पत्र को दीवानी न्यायालय द्वारा निरस्त करा सकते हैं और धोखा धड़ी कर विक्रय पत्र लिए जाने का आपराधिक वाद भी ला सकते हैं अगर पैसे की पुनः वापसी की बात होती है तो वैसी परिस्थिति में भी आपको पु न एक विक्रय पत्र अपने पक्ष में लेना होगा या तो सक्षम दीवानी न्यायालय द्वारा उस विक्रय पत्र जो धोखे से लिया गया है को निरस्त किए जाने तक इंतजार करना होगा अन्यथा उस प्रॉपर्टी पर उस व्यक्ति का ही नाम रहेगा जिसने विक्रय पत्र लिया है आपके नाम के नामांतरण हेतु उक्त दोनों परिस्थितियों में से एक होनी चाहिए
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