क्या मैं डीआरटी से नीलामी पर रुक सकता हूँ


सवाल

मैंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 2.5 करोड़ का ऋण लिया था, जिसे न चुका पाने पर बैंक ने खाते को एनपीए घोषित कर दिया और सरफेसी एक्ट की धारा 13(4) के तहत संपत्ति का प्रतीकात्मक कब्जा ले लिया। मैं इस कार्रवाई के विरुद्ध 45 दिनों के भीतर ऋण वसूली अधिकरण (DRT) चला गया, जहाँ सुनवाई चल रही है। इसके बावजूद बैंक ने जिलाधिकारी (DM) के पास भौतिक कब्जे के लिए आवेदन कर दिया और अब ई-नीलामी का नोटिस भी प्रकाशित कर दिया है। जबकि मेरी अगली सुनवाई फरवरी 2017 में है, बैंक ने उससे पहले ही नीलामी की तारीख तय कर दी है। क्या डीआरटी इस नीलामी को रोक सकता है? यदि डीआरटी में अनिवार्य जमा राशि (Pre-deposit) की शर्त आड़े आती है, तो क्या मैं हाई कोर्ट जा सकता हूँ?

उत्तर (4)


332 votes

हाँ, आप ऋण वसूली अधिकरण (DRT) के समक्ष नीलामी की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए अंतरिम राहत आवेदन (Interim Relief Application) तुरंत दायर कर सकते हैं। चूंकि आपका मामला पहले से ही डीआरटी में लंबित है, इसलिए बैंक द्वारा नीलामी का नोटिस जारी करना प्रक्रियात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आपको अदालत को यह बताना होगा कि बैंक ने नीलामी की प्रक्रिया तब शुरू की है जब मामले की सुनवाई अभी चल रही है, जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

सरफेसी अधिनियम (SARFAESI Act) के तहत, बैंक को धारा 13(4) के नोटिस के बाद भौतिक कब्जा लेने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास जाने का अधिकार है, लेकिन यदि डीआरटी ने आपकी याचिका स्वीकार कर ली है, तो आप वहां बैंक की इस समानांतर कार्यवाही को चुनौती दे सकते हैं। यदि बैंक ने ई-नीलामी का विज्ञापन (E-auction Notice) प्रकाशित कर दिया है, तो आप इसे एक 'नया कारण' (Fresh Cause of Action) मानते हुए डीआरटी से तत्काल स्थगन आदेश की मांग कर सकते हैं।

जहाँ तक उच्च न्यायालय (High Court) जाने का सवाल है, यदि डीआरटी आपको राहत देने से पहले कुल बकाया राशि का एक हिस्सा जमा करने (Pre-deposit) की शर्त रखता है और आपकी वित्तीय स्थिति वह राशि वहन करने की नहीं है, तो आप भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर सकते हैं। उच्च न्यायालय असाधारण परिस्थितियों में हस्तक्षेप कर सकता है, खासकर यदि बैंक ने नियमों का उल्लंघन किया हो या नीलामी की प्रक्रिया में कोई बड़ी कानूनी कमी हो।

आपको सलाह दी जाती है कि अपनी अगली तारीख का इंतज़ार न करें। नीलामी की तारीख आने से पहले ही अपने वकील के माध्यम से 'अर्जेंट लिस्टिंग' का आवेदन देकर मामले को जल्दी सुनवाई के लिए लगवाएं। यदि आप नीलामी को रुकवाना चाहते हैं, तो आपको बैंक की प्रक्रियात्मक खामियों (जैसे नोटिस की अवधि या विज्ञापन के नियम) को मजबूती से अदालत के सामने रखना होगा।

147 votes

हां, आप नीलामी की कार्यवाही पर रोक के लिए डीआरटी के समक्ष अंतरिम राहत आवेदन दायर कर सकते हैं और आप डीआरटी के समक्ष डीएम के आदेश को चुनौती दे सकते हैं। आपके मामले में प्रत्येक आवेदन के लिए सांविधिक शुल्क रु. 250/-। अधिक जानकारी के लिए मुझे सर्वोत्तम संभव सुझावों के लिए आपके कागजात की आवश्यकता है।

95 votes

अपने लंबित प्रतिभूतिकरण आवेदन में डीआरटी के समक्ष संशोधन के लिए आवेदन और तत्काल सुनवाई के लिए आवेदन के साथ एक स्थगन आवेदन दाखिल करें। स्टे एप्लीकेशन में नीलामी नोटिस को चुनौती दें जिसे बैंक द्वारा समाचार पत्र में प्रकाशित किया गया है।

87 votes

नमस्कार, यदि ऐसा मामला है कि बैंक डीआरटी के आदेश का उल्लंघन कर रहा है जबकि डीआरटी ने आपके पक्ष में स्थगन आदेश दिया है। तब आपके पास डीआरटी के समक्ष लिस्टिंग की अगली तारीख तक स्थगन आदेश प्राप्त करने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता है। सम्मान


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