अगर कोई उधार दिया हुआ पैसा नहीं लौटा रहा है तो क्या करें


सवाल

मैं दिल्ली में रहता हूँ और मैंने पंजाब में एक व्यक्ति को बैंक ट्रांसफर के जरिए 1 लाख रुपये उधार दिए थे। अब वह पैसा वापस करने से मना कर रहा है, जबकि उसके पिता स्टांप पेपर पर लिखकर देने को तैयार हैं। ऐसे में मैं क्या कर सकता हूं? क्या पुलिस में धोखधड़ी की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज कर सकता हूं? अगर कोई कानूनी तरीका है, तो कितने समय में पैसे वापस मिल सकते हैं?
 

LawRato

उत्तर (5)


337 votes

अगर आपने बैंक ट्रांसफर के जरिए पैसे उधार दिए हैं, तो यह एक मजबूत सबुत बन जाता है कि आपने उधार दिया था। पैसे वापिस लेने के लिए आप नीचे दिए गए कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते है:

लीगल नोटिस भेजें – सबसे पहले, किसी वकील से संपर्क करें और धारा 138 (चेक बाउंस) या मनी रिकवरी के तहत एक लीगल नोटिस भेजें। इसमें उधार लेने वाले को 15-30 दिनों का समय दिया जाता है पैसे लौटाने के लिए।

BNS Section 318 (धोखाधड़ी की धारा) के तहत केस दर्ज हो सकता है या नहीं? – BNS 318 (धोखाधड़ी) तभी लागू होगी जब सामने वाले ने आपको जानबूझकर धोखा दिया हो, जैसे कि पैसा लेने से पहले झूठे वादे करना या फर्जी दस्तावेज दिखाना। सिर्फ उधार लेकर वापस न करना, सीधे तौर पर इस धारा के तहत अपराध नहीं माना जाता।

सिविल कोर्ट में मनी रिकवरी केस करें – अगर लीगल नोटिस के बाद भी पैसा नहीं मिलता, तो आप मनी रिकवरी सूट फाइल कर सकते हैं। कोर्ट आपके पक्ष में आदेश दे सकती है और सामने वाले की संपत्ति जब्त करने या उसकी सैलरी कटोती का आदेश दे सकती है।

अगर आरोपी के पिता स्टांप पेपर पर लिखकर देने को तैयार हैं? – यह आपके लिए मददगार हो सकता है। अगर वह लिखित में स्वीकार करते हैं कि उनके बेटे को पैसे मिले और उसे लौटाने हैं, तो यह आपके केस को और मजबूत करेगा।

पुलिस में शिकायत दर्ज कर सकते हैं या नहीं? – चूंकि यह मामला उधार वापस न करने का है, पुलिस सीधे इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। लेकिन अगर धोखाधड़ी (Fraud) का एंगल जुड़ा हो, तो आप FIR दर्ज करवा सकते हैं।

आपके पास बैंक ट्रांसफर का मजबूत सबूत है, इसलिए तुरंत लीगल नोटिस भेजें और जरूरत पड़ने पर कोर्ट में मनी रिकवरी केस फाइल करें। बिना समय गंवाए किसी अच्छे वकील से सलाह लें।

199 votes

आपको तुरंत एक कानूनी मांग नोटिस भेजना चाहिए, साथ ही व्यक्ति और उसके विवरण के लिए भुगतान का प्रमाण भी चाहिए। अगर वह जवाब देने में विफल रहता है तो आप उसके खिलाफ कानून की अदालत में कार्यवाही शुरू कर सकते हैं

238 votes

सबसे पहले आप अपनी मांग उठाने के लिए एक लीगल नोटिस भेजेंगे और उसे 15 दिन का समय दिया जाएगा फिर आप उनके खिलाफ अदालत में एक दीवानी वसूली का मुकदमा दायर करेंगे और मामला दर्ज करने के बाद अदालत उन्हें नोटिस जारी करेगी।

86 votes

धन वापस करने का कानूनी दायित्व उस व्यक्ति का है जिसे आपने धन हस्तांतरण भेजा है। आप किसी भी राशि का दावा नहीं कर सकते हैं यदि आप यह साबित नहीं कर सकते कि लेन-देन कानूनी था। ठंडे दिमाग से बातचीत करने की कोशिश करें।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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