पिता की मृत्यु के बाद दादा की संपत्ति में हिस्सा ना मिलने पर क्या करें


सवाल

मेरे दादाजी की पैतृक संपत्ति का सही बंटवारा नहीं हुआ था और अब दादाजी और पिताजी दोनों की मृत्यु हो चुकी है। मेरे चाचा हमें संपत्ति में हिस्सा नहीं दे रहे हैं और उन्होंने कुछ हिस्सा बेच भी दिया है। मेरी दादी भी हिस्सा देने से मना कर रही हैं और दादाजी की पेंशन में से भी हमें कुछ नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में हम अपना हक कैसे पाएं?

उत्तर (2)


273 votes

हाँ, आप अपने दादाजी की पैतृक संपत्ति में अपने पिता के हिस्से के पूर्ण हकदार हैं। हिंदू कानून के अनुसार, पोते-पोतियों का अपने दादा की पैतृक संपत्ति पर जन्मजात अधिकार होता है। आपके पिता की मृत्यु के बाद, वह हिस्सा कानूनी रूप से आपको और आपके भाई-बहनों को मिलना चाहिए। आपके चाचा या दादी आपको इस अधिकार से वंचित नहीं कर सकते।

सबसे पहले, आपको सिविल कोर्ट में तुरंत एक बंटवारे का मुकदमा दायर करना चाहिए। इसके साथ ही, आपको कोर्ट से एक अंतरिम निषेधाज्ञा (Interim Injunction) यानी स्थगन आदेश (Stay Order) की मांग करनी चाहिए ताकि आपके चाचा आगे संपत्ति का कोई भी हिस्सा बेच न सकें। जो हिस्सा पहले ही बेचा जा चुका है, उसे भी आप अदालत में चुनौती दे सकते हैं।

जहाँ तक पेंशन (Pension) का सवाल है, कानूनन पारिवारिक पेंशन पर पहला हक आपकी दादी का है। यदि दादाजी के किसी बच्चे की उम्र 25 वर्ष से कम है या कोई अविवाहित/विधवा बेटी है, तो वे भी पेंशन के हकदार हो सकते हैं। पोते-पोतियों को सामान्यतः दादा की पेंशन में हिस्सा नहीं मिलता है, जब तक कि वे पूरी तरह उन पर आश्रित न रहे हों या कोई विशेष परिस्थिति न हो।

संपत्ति के मामले में आपका पक्ष बहुत मजबूत है। आपको तहसील जाकर जमीन के रिकॉर्ड (खतौनी) निकलवाने चाहिए और यह देखना चाहिए कि जमीन अभी किसके नाम पर दर्ज है। यदि वह पैतृक है, तो आपके चाचा उसे आपकी सहमति के बिना कानूनी रूप से नहीं बेच सकते थे। कोर्ट के जरिए आप अपना हिस्सा अलग करवा सकते हैं और पुराने अवैध सौदों को रद्द करवा सकते हैं।

302 votes

नमस्ते !
आपके पिताजी के स्वर्गवास का सुनकर हमें बेहद दुख हुआ भगवान उनकी आत्मा को शांति दे
आपने लिखा है कि आपके दादा जी ने प्रॉपर्टी का सही से बंटवारा नहीं करा और आप आपके चाचाजी प्रॉपर्टी का विक्रय कर रहे हैं
आपके बताए हुए तथ्य स्पष्ट नहीं है एवं पूर्व भी नहीं है फिर भी कानून के अनुसार और यह मानते हुए कि आप एक हिंदू हैं आपका संपत्ति पर पूर्ण रूप से अधिकार है
यह संपत्ति कानूनी तौर पर आपके पिताजी के सारे भाइयों आपके और दादी जी के बीच बाटी जानी चाहिए इस विषय में आप कानून का सहारा ले सकते हैं आपको तुरंत ही वकील से संपर्क करना चाहिए एवं पूर्ण रूप से तथ्य वकील के सामने रखनी चाहिए तभी आपकी पूर्ण रूप से सहायता की जा सकेगी इसके लिए आप हमें संपर्क कर सकते हैं

और जहां तक आपके दादा जी की पेंशन का सवाल है उस पर अधिकार आपकी दादी जी का है और अगर दादा जी के किसी भी संतान की उम्र 25 वर्ष से कम है तो पेंशन का हिस्सा उसको भी प्राप्त हो सकता है आशा है कि हमने आपके समस्या को एक दिशा दी होगी


अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में प्रॉपर्टी वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।


भारत के अनुभवी प्रॉपर्टी वकीलों से सलाह पाए


प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न