मेरे घर का रास्ता पिछले दो साल से एक व्यक्ति ने रोक रखा है
सवाल
उत्तर (2)
पंचायत के स्तर पर अगर दो साल से मामला अटका हुआ है, तो अब आपको वहां समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। सरकारी रास्ते या आम रास्ते को रोकना कानूनन 'लोक बाधा' (Public Nuisance) माना जाता है और इसे हटाना सरकार की जिम्मेदारी है।
रास्ता खुलवाने के लिए आपके पास सबसे शक्तिशाली हथियार 'उप-विभागीय मजिस्ट्रेट' (Sub-Divisional Magistrate - SDM) की कोर्ट है। नई 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS) की धारा 152 (जो पहले सीआरपीसी की धारा 133 थी) के तहत एसडीएम को विशेष शक्तियां प्राप्त हैं।
आपको तुरंत एक वकील के माध्यम से एसडीएम कोर्ट में धारा 152 के तहत आवेदन देना चाहिए। इसमें लिखें कि अमुक व्यक्ति ने सरकारी रास्ते पर अवैध अवरोध (Obstruction) पैदा किया है जिससे आम जनता और आपको आने-जाने में परेशानी हो रही है। एसडीएम पुलिस को मौके की जांच का आदेश देंगे और अगर शिकायत सही पाई गई, तो पुलिस बल का प्रयोग करके रास्ता खाली करवा दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पंचायत से बहुत तेज होती है।
इसके अलावा, रास्ता रोकना एक आपराधिक कृत्य भी है। आप स्थानीय पुलिस थाने में उस व्यक्ति के खिलाफ नई 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 126 (सदोष अवरोध/Wrongful Restraint) और धारा 270 (लोक न्यूसेंस) के तहत एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।
यदि एसडीएम और पुलिस भी आपकी सुनवाई न करें, तो आप सीधे हाई कोर्ट में एक रिट याचिका (Writ Petition) दायर कर सकते हैं। हाई कोर्ट प्रशासन को सख्त निर्देश देगा कि सरकारी जमीन से कब्जा हटाकर रास्ता तुरंत चालू किया जाए।
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