क्या पत्नी द्वारा मानसिक रूप से परेशान किए जाने पर आसानी से तलाक मिल सकता है


सवाल

मेरी पत्नी मुझे मानसिक रूप से बहुत परेशान करती है और गाली-गलौज भी करती है जिससे आसपास के लोग भी परेशान होते हैं। मैं अब उनके साथ नहीं रह सकता और अपनी संपत्ति का हिस्सा भी उन्हें देने को तैयार हूँ। मुझे बस उनसे अलग होना है, कृपया मुझे इसका सबसे सही और आसान रास्ता बताएं।

उत्तर (2)


403 votes

मानसिक रूप से परेशान करना और गाली-गलौज करना कानून की नजर में क्रूरता (Cruelty) माना जाता है और आप इस आधार पर तलाक मांग सकते हैं। चूँकि आप अपनी संपत्ति का हिस्सा देने को भी तैयार हैं और सिर्फ शांति से अलग होना चाहते हैं, तो आपके लिए आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce) लेना सबसे अच्छा और आसान रास्ता है।

आपसी सहमति से तलाक में समय और पैसा दोनों कम लगते हैं। इसमें आप और आपकी पत्नी मिलकर एक समझौता पत्र तैयार कर सकते हैं, जिसमें यह साफ लिखा होगा कि आप उन्हें संपत्ति का कौन सा हिस्सा दे रहे हैं और इसके बदले में वे आपको तलाक देने और भविष्य में कोई केस न करने के लिए सहमत हैं। हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13बी के तहत यह प्रक्रिया ६ से १८ महीने में पूरी हो जाती है।

अगर आप क्रूरता के आधार पर एकतरफा तलाक का केस (Contested Divorce) फाइल करते हैं, तो उसमें सालों लग सकते हैं और आपको पत्नी की गलतियों को कोर्ट में साबित करना होगा। इसलिए समझदारी इसी में है कि आप अपनी पत्नी से बात करें या घर के बड़ों के जरिए उन्हें आपसी समझौते के लिए मनाएं। जब दोनों पक्ष राजी होते हैं, तो कोर्ट भी ज्यादा सवाल-जवाब नहीं करता।

तलाक का केस आप उस शहर में कर सकते हैं जहाँ आपकी शादी हुई थी, जहाँ आप दोनों आखिरी बार साथ रहे थे या जहाँ अभी आपकी पत्नी रह रही है। इसके लिए आपको अपनी शादी का कार्ड, फोटो और आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। जब तक कानूनी तौर पर तलाक नहीं हो जाता, तब तक सावधानी बरतें और कोशिश करें कि बहस न हो ताकि मामला और ज्यादा न बिगड़े।

145 votes

मे आपको सलाह देता हूं की आप अपने और अपनी पत्नी के घर के बुजुर्गों के माध्यम से आपसी मतभेदों को सुलझाने की कोशिश करे फिर भी कोई हल ना निकले तो समझोते के द्वारा आपसी सहमति से तलाक लेने का प्रयास करे। यदि आप क्रूरता आदि जैसे आधार पर तलाक के लिए आवेदन करते हैं तो इसमें काफी समय लगेगा, इसलिए आपसी सहमति से तलाक याचिका दायर करना बेहतर है। यह आपके समय, धन और मानसिक तनाव को बचाएगा आप किसी भी स्थान पर तलाक का मामला दायर कर सकते है:
• जहां विवाह किया गया था।
• जहां दोनों पक्ष विवाह के बाद और अलगाव से पहले रहते थे।
• जहां आपकी पत्नी अब रह रही है।
तलाक की याचिका दाखिल करते समय आपको निम्न दस्तावेजों आवश्यकता होती है:
• पति या पत्नी पहचान प्रमाण-पत्र।
• शादी का फोटो और प्रमाण पत्र यदि कोई हो।
• विवाह आमंत्रण पत्र।
• कोई अन्य दस्तावेज जो आप संलग्न करना चाहते हैं।


अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में तलाक वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।


भारत के अनुभवी तलाक वकीलों से सलाह पाए


तलाक कानून से संबंधित अन्य प्रश्न