धारा 11 - हिन्दू विवाह अधिनियम
वकील से
बात करें

धारा 11 हिन्दू विवाह अधिनियम - शून्य विवाह

October 11,2018


विवरण

इस अधिनियम के प्रारम्भ के पश्चात् अनुष्ठित किया गया यदि कोई विवाह धारा 5 के खण्ड (1), (4) और (5) में उल्लिखित शतों में से किसी एक का उल्लंघन करता है, तो वह अकृत और शून्य होगा और उसमें के किसी भी पक्षकार के द्वारा दूसरे पक्षकार के विरुद्ध पेश की गई याचिका पर अकृतता की आज्ञप्ति द्वारा ऐसा घोषित किया जा सकेगा।


हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 से अधिक पढ़ने के लिए, यहां क्लिक करें


हिन्दू विवाह अधिनियम धारा 11 के लिए सर्वअनुभवी वकील खोजें