चार्जशीट दाखिल करने के बाद क्या मैं केस रद्द करने के लिए हाई कोर्ट जा सकता हूं


सवाल

मेरे खिलाफ वर्ष 2018 में जबरन वसूली और चोरी जैसी कई गंभीर धाराओं में एक झूठा मामला दर्ज किया गया था लेकिन पुलिस जांच के बाद अब केवल धारा 448 के तहत चार्जशीट तैयार किया गया है और बाकी सभी धाराएं हटा दी गई हैं मुझे पहले ही उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है और अब जबकि पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है और मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है तो क्या इस स्थिति में मैं अपने खिलाफ चल रहे इस झूठे मामले को पूरी तरह खत्म कराने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका लगा सकता हूँ।

उत्तर (3)


333 votes

हाँ, आप अपने खिलाफ दर्ज मामले और पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र (Charge Sheet) को रद्द कराने के लिए निश्चित रूप से उच्च न्यायालय (High Court) जा सकते है। BNSS की धारा 482 जो कि पहले CrPC की धारा 482 थी, उच्च न्यायालय को यह विशेष शक्ति (Inherent Power) देती है कि वह किसी भी ऐसे मामले को रद्द कर सके जो न्याय की प्रक्रिया का दुरुपयोग (Abuse of process of law) कर रहा हो।

चूंकि पुलिस जांच में आपके खिलाफ पहले लगाई गई गंभीर धाराएं जैसे जबरन वसूली (Extortion) और चोरी (Theft) हटा दी गई हैं और अब केवल धारा 448 बची है, तो यह आपके पक्ष को मजबूत बनाता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329 (जो पहले IPC की धारा 448 थी) घर में अनधिकृत प्रवेश (House Trespass) से संबंधित है। यदि आपके पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज हैं कि यह मामला पूरी तरह झूठा है, तो आप उच्च न्यायालय में मामला रद्द करने की याचिका (Quashing Petition) दायर कर सकते हैं।

अदालत इस बात पर विचार करेगी कि क्या आरोप पत्र (Charge Sheet) में दिए गए सबूत इतने ठोस हैं कि उनके आधार पर आपको सजा सुनाई जा सके। यदि न्यायाधीश को लगता है कि केस चलाने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है, तो वे मुकदमे (Trial) की शुरुआत से पहले ही एफआईआर (FIR) और आरोप पत्र (Charge Sheet) दोनों को रद्द कर सकते हैं।

आपको अपने वकील के माध्यम से उच्च न्यायालय में यह तर्क देना चाहिए कि जांच अधिकारी (Investigating Officer) ने पहले ही अधिकांश धाराओं को हटा दिया है, जिससे स्पष्ट होता है कि शिकायतकर्ता की मूल कहानी संदिग्ध थी। इसके अलावा, आपको मिले अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के आदेश और पुलिस द्वारा दिए गए नोटिस (Notice) के पालन का विवरण भी याचिका में शामिल करना चाहिए।

244 votes

निश्चित रूप से आप प्राथमिकी के साथ चार्जशीट को रद्द करने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के तहत उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अदालत के पास पर्याप्त सबूत के आधार पर मामले को रद्द करने की शक्ति है।

252 votes

आप अपने खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर सकते हैं। लेकिन बिना विस्तृत चर्चा और बिना चार्जशीट, एफआईआर समीक्षा के उचित परामर्श संभव नहीं है।


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